‘फेसलेस’ आकलन : वित्त मंत्रालय ने जमा किए जाने वाले ई-रिकार्ड के सत्यापन नियमों को बनाया सरल

नई दिल्ली : वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि आयकर पोर्टल पर करदाताओं के पंजीकृत अकाउंट से जमा किए गए इलेक्ट्रानिक रिकार्ड को करदाता द्वारा इलेक्ट्रानिक सत्यापन कोड (ईवीसी) के जरिये प्रमाणित माना जाएगा।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने अधिकारी और करदाता के आमने-सामने आए बिना (फेसलेस) आकलन कार्यवाही में जमा किए गए रिकार्ड के सत्यापन को सरल बनाने को लेकर सोमवार को आयकर नियम में बदलाव किए।

मंत्रालय ने कहा कि संशोधित नियम में यह प्रविधान किया गया है कि आयकर विभाग के पोर्टल पर करदाताओं के पंजीकृत अकाउंट के माध्यम से जमा किए गए इलेक्ट्रानिक रिकार्ड को करदाता द्वारा इलेक्ट्रानिक सत्यापन कोड के जरिये प्रमाणित माना जाएगा।

यह सरलीकृत प्रक्रिया कंपनियों या कर आडिट मामलों के लिए भी उपलब्ध होगी और उन्हें डिजिटल हस्ताक्षर के जरिये इलेक्ट्रानिक रिकार्ड को प्रमाणित करना अनिवार्य है।

इस संबंध में जल्द कानून लाया जाएगा। इस बीच, वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि आयकरदाता आयकर निपटान आयोग (आइटीएससी) के स्तर पर लंबित कर मामलों के निपटान के लिए अंतरिम बोर्ड के समक्ष 30 सितंबर तक आवेदन दाखिल कर सकते हैं। वित्त अधिनियम, 2021 ने आयकर अधिनियम, 1961 के प्रविधानों में संशोधन किया है।

नए कानून के तहत आइटीएससी को पहली फरवरी, 2021 से बंद हो चुका मान लिया जाएगा और मामले के निपटान के लिए कोई आवेदन दायर नहीं किया जा सकेगा। पहली फरवरी को लोकसभा में वित्त विधेयक, 2021 को पेश किया गया था। 

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