पहले कोरोना में जिन्होंने खो दिए अपने मां-बाप, अब वह शासन की योजना का लाभ उठाने के लिए भटक रहे

Datia News : दतिया । जिले में मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। इसके पात्र हितग्राही इधर से उधर भटक रहे हैं, जबकि सभी जिलों में विगत 21 मई से यह योजना लागू कर दी गई है। इस योजना के तहत कोविड-19 के दौरान अभिभावक या माता पिता की मृत्यु हुई हो तो ऐसे पात्र हितग्राहियों को पढ़ाई लिखाई का खर्च, निशुल्क राशन प्राप्त करने के लाभ इस योजना के तहत दिए जाने हैं। इसी तरह शासकीय सेवक की ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर उससे पुरानी पेंशन योजना के तहत पेंशन पाने का अधिकार उसके नामित को किया गया है। इसके साथ ही अनुकंपा नियुक्ति का भी प्रावधान है। इस योजना के लिए कहां जाएं, क्या करें यह किसी को पता नहीं है। ऐसे पात्र हितग्राही इधर से उधर भटक रहे हैं।

इसके अलावा कोरोना से मौत मामले में भी एक लाख रुपये की राशि दिए जाने के आदेश अभी तक जिले में नहीं आए है। लोग कलेक्ट्रेट, महिला बाल विकास विभाग तथा नगर पालिका के चक्कर लगा रहे है। बता दें की इस प्रकार की तीन महत्वपूर्ण अलग-अलग योजनाएं है। जिनका लाभ लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता की कोविड-19 से आकस्मिक मृत्यु हो गई है, उन्हें आर्थिक, खाद्य एवं शिक्षा सहायता देने का निर्णय लिया गया है। ऐसे सभी बच्चों के लिए राज्य शासन ने मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल-कल्याण योजना को 21 मई से प्रदेश भर में आरंभ की गई है। इसी क्रम में जिले में भी प्रभावित बच्चों को इस योजना का लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया की जा रही है। ऐसे बच्चों स्वजन या रिश्तेदार कहां जाए और क्या करें, उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं है और महिला बाल विकास विकास विभाग ऐसे लोगों की सुध नहीं ले रहा है और लोग भटक रहें है। इस योजना का लाभ जिले में मात्र एक बालक को मिल पाया है। तीन प्रकरण लंबित बताया जाते है।

योजना के लिए यह रखी गई है पात्रता

इस योजना के तहत ऐसे बालक-बालिका जिनकी आयु 21 वर्ष या उससे कम है, परंतु स्नातक में अध्ययनरत रहने की स्थिति में, 24 वर्ष या स्नातक पाठ्यक्रम की निर्धारित अवधि तक इनमें से जो भी कम हो और जिनके माता-पिता की कोविड-19 से मृत्यु हुई हो या माता-पिता का निधन पूर्व में हो गया था तथा उनके वैध अभिभावक की कोविड-19 से मृत्यु हुई हो या माता-पिता में से किसी एक का पूर्व में निधन हो चुका है तथा अब दूसरे की कोविड -19 से मृत्यु हुई है।

योजना अंतर्गत प्रत्येक बाल हितग्राही को 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रतिमाह दी जाएगी। इसी तरह खाद्यान्न सुरक्षा के लिए प्रत्येक बाल हितग्राही तथा उनके संरक्षक को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत निःशुल्क राशन प्रदाय किया जाएगा। प्रत्येक बाल हितग्राही को उनकी पात्रता अनुसार स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष, विधि शिक्षा एवं अन्य उच्च शिक्षा आदि का लाभ प्रदान किया जाएगा।

इसी के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संस्थानिक सहायता प्रदान करते हुए 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे बाल हितग्राही जिनका कोई घर या निश्चित निवास स्थान नहीं है और जिनके जीवन निर्वाह के लिए कोई साधन नहीं है। इसके साथ ही कोई भी संरक्षक उनकी देखरेख करने का इच्छुक नहीं है। ऐसे बाल हितग्राही को संरक्षण, भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा सहायता एवं पुनर्वास के लिए हितग्राही को योजना अंतर्गत प्रदाय मासिक आर्थिक एवं मासिक राशन की पात्रता नहीं होगी, लेकिन बाल देखरेख संस्थाओं में 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर बाहर होने वाले बच्चो को वे समस्त सहायता दी जाएगी, जिसका इस योजना में प्रावधान है।

नगर पालिका में अन्य योजना

नगर पालिका में एक अन्य योजना के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों के परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हुई है, तो इसके लिए एक लाख की राशि मृतक के परिवार को निकाय पात्रता की पुष्टि करने के बाद प्रदान करता है। इस योजना के लिए लोग प्रतिदिन नगर पालिका के चक्कर लगा रहे है। इधर मगर पालिका प्रशासन का कहना है कि योजना की घोषणा तो कर दी गई है, पात्र हितग्रहियों का आना भी शुरू हो गया है,किंतु इससे संबंधित आदेश दतिया मगर पालिका के प्राप्त नहीं हुए है। ऐसे में हम लोगों का क्या जवाब दे, यह समझ में नहीं आ रहा है। आदेश मिलते ही हम प्रक्रिया शुरू कर देंगे।

कोरोना योद्धा योजना का लाभ दिलाने के लिए दल गठित

जिले में जिन शासकीय कर्मचारियों की कोरोना ड्यूटी के दौरान कोरोना से मौत हुई है, एेसे कर्मचारियों को कोरोना योद्धा का लाभ दिलाने के लिए जिला स्तरीय एक कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में सदस्य यह तय करेंगे कि शासकीय सेवक कोरोना योद्धा सरकारी मानदंडों पर है या नहीं है। ऐसे कोरोना योद्धा के 50 ला्ख रुपये की राशि या उसके आश्रितों में से किसी एक को अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रावधान है। इस मामले में पूर्व डीपीसी सीबी सिंह के कोरोना योद्धा घोषित किए जाने उसके लाभ स्वजनों को उसके लाभ दिलाने के प्रकिया शुरू कर दी गई है।

इस मामले में नगर पालिका सीएमओ ए.के दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना से राहत राशि की घोषणा के आदेश अभी प्राप्त नहीं हुए है, आदेश मिलते ही शीघ्र प्रक्रिया शुरू कर देंगे। कोरोना योजना के अन्य लाभ के लिए काउंटर और साइन बोर्ड तैयार हो गए है।

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