अफगानिस्तान : अब तालिबान का क्या करें, नहीं समझ पा रहे चीन, पाकिस्तान व रूस – बाइडेन

इस्लामाबाद : चीन, पाकिस्तान, ईरान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान ने संयुक्त बयान जारी कर तालिबान से अफगानिस्तान में सरकार को समावेशी स्वरूप देने का अनुरोध किया है।

कहा है कि सरकार में समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व हो और सरकार उदारवादी नीतियां अपनाए। यह बयान पड़ोसी देशों के विदेश मंत्रियों की वर्चुअल मीटिंग के बाद जारी हुआ है। यह बैठक पाकिस्तान के अनुरोध पर हुई थी।

बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अनुरोध किया गया कि वह अफगानिस्तान में शांति स्थापित करने और वहां के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी संभाले। बयान में कहा गया है कि तालिबान की सरकार मानवाधिकारों का पालन सुनिश्चित करे और महिलाओं, बच्चों व समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की नीतियां बनाए। ये नीतियां खुली और उदारवादी होनी चाहिए, जिनसे सभी लाभान्वित हों।

सरकार की नीतियां पड़ोसी देशों से दोस्ताना रिश्तों वाली होनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से भी अनुरोध किया गया कि वह अफगानिस्तान को आर्थिक और मानवीय सहायता उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़े। अफगानिस्तान के लोगों को मुश्किल समय में अकेला न छोड़ा जाए। 

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