लखीमपुर मामला : पूरी कैबिनेट के साथ चन्नी पहुंचे राजभवन, राज्यपाल को सौंपा पीएम मोदी के नाम ज्ञापन

चंडीगढ़ : उप्र के लखीमपुर में हुई घटना की पंजाब में कड़ी प्रतिक्रिया दिखी है। श्रीअकाल तख्त साहिब ने घटना की निंदा की है और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने घटना की जांच के लिए एक प्रतिनिधिमंडल लखीमपुर खीरी भेजने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में घटना में मारे गए किसानों को श्रद्धांजलि दी गई। बैठक में मौजूद मंत्रियों ने किसानों के लिए दो मिनट का मौन रखा।

शाम को मुख्यमंत्री ने राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंप कर पीड़ित किसान परिवारों को न्याय सुनिश्चित करने की मांग की।

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिह के आदेश पर एसजीपीसी ने जांच कमेटी भेजने के फैसला किया है। एसजीपीसी की अध्यक्ष जगीर कौर ने कहा कि लखीमपुर में हुई हिंसा अति दुखदायी है। जांच के लिए एक प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश भेजा जा रहा है।

अकाली दल ने बुलाई कोर कमेटी की बैठक शिरोमणि अकाली दल ने मंगलवार को पार्टी की कोर कमेटी की आपात बैठक बुलाई है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और पूर्व मंत्री डा. दलजीत सिंह चीमा के अनुसार चंडीगढ़ में होने वाली बैठक को लेकर पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने अपना जालंधर का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है।

वहीं, सुखबीर बादल ने उप्र सरकार से घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार करने और घटना की उच्चस्तरीय एजेंसियों से गहन जांच कराने की मांग की है।

संयुक्त किसान मोर्चा की अपील पर पंजाब के विभिन्न जिलों में किसानों ने डीसी दफ्तरों व अन्य कई जगहों पर प्रदर्शन किए। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस व यूथ कांग्रेस नेताओं के साथ चंडीगढ़ में पंजाब राजभवन के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस ने सिद्धू सहित कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया।

Share this with Your friends :

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
close