कोरोना वायरस : चीन में फिर बढ़ा संकट, बीजिंग समेत 14 शहरों में अचानक बढ़े मामले

बीजिंग : चीन में कोरोना के डेल्टा स्वरूप के मामलों में अचानक वृद्धि देखी जा रही है। चीन की राजधानी बीजिंग सहित 15 शहर इस वैरिएंट के संक्रमण से जूझ रहे हैं। सरकारी मीडिया ने इसे दिसंबर 2019 में वुहान में वायरस के प्रकोप के बाद सबसे व्यापक घरेलू रोग संचार करार दिया है।

सरकारी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि कोरोना मामलों में नई बढ़ोतरी पूर्वी चीन के जिआंगसु प्रांत की राजधानी नानजिंग के एक हवाई अड्डे से शुरू हुई और पांच अन्य प्रांतों और बीजिंग नगरपालिका में फैल गई।

अखबार में छपी रिपोर्ट के अनुसार नानजिंग शहर ने हवाईअड्डे के कई कर्मचारियों के संक्रमित पाए जाने के बाद सभी उड़ानों को निलंबित कर दिया है। तेजी से फैलने वाले डेल्टा वैरिएंट के मामले 15 चीनी शहरों से सामने आए हैं। डेल्टा की सबसे पहले पहचान भारत में हुई थी।

हालांकि नये मामलों की संख्या अभी भी कुछ सैकड़ों में है, लेकिन विभिन्न प्रांतों में संक्रमण के व्यापक प्रसार की चिंताएं बढ़ गई हैं। अधिकारियों के लिए चिंता का कारण बीजिंग में पूर्व में मिले मामले के 175 दिनों से अधिक समय बाद मामलों का अचानक सामने आना है।

लगभग 2.2 करोड़ की आबादी वाले शहर की स्थानीय सरकार ने एक जुलाई को आयोजित होने वाले चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के शताब्दी समारोह के लिए कई महीनों तक शहर का कोरोना से बचाव किया। यहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित वरिष्ठ नेताओं के आवास स्थित हैं।

चीन द्वारा भारत और कई अन्य देशों से हवाई यात्रा अभी शुरू किया जाना बाकी है और बीजिंग आने वाली अधिकांश अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अन्य शहरों में भेजा जाता है, जहां यात्रियों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने से पहले 21 दिनों के क्वारंटाइन से गुजरना पड़ता था।

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के अनुसार, गुरुवार तक की स्थिति के अनुसार चीन के मुख्य भूभाग में कोरोना के पुष्ट मामलों की कुल संख्या 92,875 थी। इसमें 932 उपचाराधीन मरीज शामिल हैं, जिनमें से 25 की हालत गंभीर है। देश में पिछले साल से अब तक इस वायरस ने 4,636 लोगों की जान ले ली है।

आधिकारिक मीडिया के अनुसार, चीन ने अब तक अपनी लगभग 40 फीसद आबादी का टीकाकरण किया है। कोरोना वायरस का पहली बार 2019 के अंत में चीन के शहर वुहान में पता चला था। इसके बाद यह दुनिया भर में तेजी से फैल गया। मार्च 2020 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महामारी घोषित किया

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