अब पौधे लगाने पर ही मिलेगी भवन बनाने की इजाजत, पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की घोषणा

भोपाल । मध्य प्रदेश में अब भवन (बिल्डिंग) निर्माण की अनुमति पौधे लगाने की शर्त पर ही मिलेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर यह घोषणा की। उन्होंने कहाकि अब इसे कानूनी रूप दिया जाएगा और यह शर्त सिर्फ नगरीय क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगी। गांवों में भी भवन बनाने की अनुमति निर्माणकर्ता द्वारा पौधे लगाने की शपथ लेने पर ही दी जाएगी। मकान बनाने वाला आसपास पौधा रोपे, यदि वहां जगह नहीं है तो पार्क या सार्वजनिक स्थल (पंचायत भवन, स्कूल परिसर) जहां जगह मिले वहां पौधे लगाए।

ग्राम पंचायतों से भी कहा जाएगा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि मकान बनाने वाला कम से कम एक पौधा तो लगाए। वृहद पौधारोपण अभियान ‘अंकुर’ का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहाकि यह शर्त प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले मकानों पर भी लागू होगी। बहुमंजिला इमारत में जितने फ्लैट बनेंगे, बिल्डर को उतने पौधे रोपने होंगे। सभी सरकारी भवनों के निर्माण में भी पौधे लगाने की शर्त जोड़ी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति स्वप्रेरणा से भी पौधे लगाएंगे, क्योंकि पर्यावरण सुधार हमारे लिए नारा नहीं मंत्र है। इस कार्यक्रम में मंत्री, जनप्रतिनिधि, जिला नोडल अधिकारी और प्रतिभागी वर्चुअल रूप से शामिल हुए। पहले से है नियम पर नहीं होता पालन एमपी स्ट्रक्चर इंजीनियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल मजीद कहते हैं कि भवन अनुमति के साथ पौधे लगाने का नियम पहले से है, लेकिन व्यावहारिक रूप से कोई इसका पालन नहीं करता। इससे जुड़ी अधिसूचना में ही यह प्रविधान है कि 1500 से 3000 वर्ग फीट के भवन की मंजूरी तीन से पांच पौधे रोपने की शर्त पर दी जाएगी।

हालांकि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के नियमों में कालोनी में पौधे रोपने का कोई नियम नहीं है, पर फार्म हाउस के मामले में 200 पौधे रोपने का नियम है। मजीद कहते हैं कि नगरीय निकायों में भवन पूर्णता प्रमाण-पत्र अनिवार्य किया है। अब जरूरत है कि पौधों की स्थिति देखकर प्रमाण-पत्र दिया जाए। ऐसा करने पर ही लोग पौधे रोपेंगे और उनकी देखभाल करेंगे।

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