हरिद्वार : कुंभ में कोरोना टेस्टिंग फर्जीवाड़े का राजस्थान कनेक्शन भी सामने आया है। मैक्स कारपोरेट सर्विसेज के पार्टनर शरत पंत और मल्लिका पंत के कहने पर फर्जीवाड़ा करने वाले आशीष वशिष्ठ ने राजस्थान से फर्जी डाटा अपलोड कराया था।
एसआइटी ने राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी राकी से इस बारे में पूछताछ की है। राकी ने बताया कि ढाई रुपये प्रति एंट्री की दर से उसे भुगतान मिला था। कोरोना टेस्टिंग घोटाले में एसआइटी की पड़ताल में आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं।
पहली गिरफ्तारी के बाद एसआइटी ने भिवानी की डेल्फिया लैब संचालक आशीष वशिष्ठ को तीन दिन की रिमांड पर लिया था। उसकी निशानदेही पर हरियाणा से लैपटाप व रजिस्टर भी बरामद किया था।
पूछताछ में आशीष वशिष्ठ ने बताया कि उसने राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी राम मोहन नवानी उर्फ राकी की मदद से कोरोना टेस्टिंग की फर्जी एंट्री आइसीएमआर पोर्टल पर डाली थी।
इस पर एसआइटी ने राकी को पूछताछ के लिए हरिद्वार बुलाया था। पूछताछ में राकी ने एसआइटी को बताया कि फर्जी एंट्री डालने के लिए आइडी पासवर्ड आशीष ने उसे उपलब्ध कराए थे।
उसने कई युवकों की मदद लेकर पोर्टल पर एंट्री कराई। लेकिन, उसे यह मालूम नहीं था कि एंट्री फर्जी है या असली है। आशीष ने उसे जो भी डाटा दिया, उसने तीन रुपये प्रति एंट्री की एवज में अपलोड करा दिया।
उसके साथ जुड़े युवक अपने मोबाइल से ही एंट्री अपलोड करते थे। राकी ने काम पर लगाए गए युवकों को दो रुपये प्रति एंट्री की दर से भुगतान किया और एक रुपये प्रति एंट्री कमीशन के नाम पर खुद रखा। विवेचनाधिकारी राजेश साह ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।
राजस्थान से फर्जी एंट्री डालने की बात सामने आई हैं। अंबुजा फाउंडेशन से जुड़े युवकों ने बनाई एक्सल शीट : आशीष वशिष्ठ ने फर्जी डाटा की एक्सल शीट बनाने में कनखल के जगजीतपुर क्षेत्र में अंबुजा फाउंडेशन की मदद ली।
संस्था के पदाधिकारियों ने स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग के तौर पर रखे गए युवकों से यह काम कराया। एसआइटी की पूछताछ में राकी ने भी इसकी पुष्टि की है कि आशीष हरिद्वार से एक्सेल शीट में डाटा भरकर उसे भेजता था। एसआइटी अब अंबुजा फाउंडेशन के पदाधिकारियों से पूछताछ की तैयारी में है।


