कोरोना टीकों को बौद्धिक संपदा बंधनों से छूट दिलाने की भारतीय मुहिम रंग लाई, अमेरिका ने किया रियायत देने का फैसला

वैश्विक स्वास्थ्य संकट और कोविड-19 महामारी से निपटने की जरूरत को देखते हुए भारत एवं दक्षिण अफ्रीका ने 2 अक्टूबर, 2020 को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में एक प्रस्ताव पेश किया था। इसमें कहा गया है कि विकासशील देशों के लिए टीकों और दवाओं की त्वरित एवं सस्ती पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ट्रिप्स पर समझौते के मानदंडों में छूट दी जाए। भारत और अन्य समान सोच वाले देशों द्वारा सक्रिय प्रयासों के परिणामस्वरूप इस प्रस्ताव को 120 से अधिक देशों का समर्थन प्राप्त हुआ है। 

26 अप्रैल, 2021 को फोन पर हालिया बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन को डब्ल्यूटीओ में भारत की इस पहल के बारे में जानकारी दी, जिसका उद्देश्य मानवता का लाभ है।  

हम इस पहल के लिए समर्थन को लेकर 5 मई को घोषित अमेरिकी सरकार के बयान का स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि एक सर्वसम्मति आधारित दृष्टिकोण के साथ डब्ल्यूटीओ में इस छूट को जल्द ही मंजूरी दी जा सकती है। यह छूट सस्ते कोविड-19 टीके और आवश्यक चिकित्सा उत्पादों के उत्पादन की गति को बढ़ाने एवं समय पर इनकी उपलब्धता को सक्षम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।   

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter