बदल गया खेल रत्न पुरस्कार का नाम, राजीव गांधी की जगह अब होगा मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड

नई दिल्ली : भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न पुरस्कार का नाम अब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जगह पूर्व भारतीय कप्तान मेजर ध्यानचंद के नाम पर होगा। भारतीय हाकी टीमों के टोक्यो ओलिंपिक में शानदार प्रदर्शन के बाद इस सम्मान का नाम महान हाकी खिलाड़ी के नाम पर रखने का फैसला लिया गया।

मोदी ने शुक्रवार को ट्वीट किया, ‘देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का यह आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद को समर्पित किया जाए।

लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है।’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय पुरुष और महिला हाकी टीमों के प्रदर्शन ने पूरे देश को रोमांचित किया है।

अब हाकी में लोगों की दिलचस्पी फिर से बढ़ी है, जो आने वाले समय के लिए सकारात्मक संकेत है। मालूम हो कि खेल रत्न पुरस्कार के साथ 25 लाख रुपये की राशि भी दी जाती है।

अदिति से पदक की उम्मीद, बजरंग कांस्य के लिए लड़ेंगे : टोक्यो ओलिंपिक में शुक्रवार को भारत कोई पदक तो नहीं जीत सका, लेकिन अदिति अशोक ने गोल्फ में भारत के पहले ओलिंपिक पदक की उम्मीदों को कायम रखा।

अदिति तीसरे दौर में तीन अंडर 67 स्कोर करके दूसरे स्थान पर बनी हुई हैं। वहीं, स्वर्ण के दावेदार माने जा रहे पहलवान बजरंग पूनिया ने निराश किया। वह कुश्ती के 65 किग्रा पुरुष फ्रीस्टाइल वर्ग के सेमीफाइनल में तीन बार के विश्व चैंपियन हाजी अलियेव से 5-12 से हार गए।

अब वह शनिवार को कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगे। पदक से चूकी महिला हाकी टीम : भारतीय महिला हाकी टीम का पहला ओलिंपिक पदक जीतने का सपना टूट गया। उसे कांस्य पदक के रोमांचक मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन ने 4-3 से हराया

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