बसपा सांसद पर रेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता ने भी तोड़ा दम, परिवार ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल

नई दिल्ली : मऊ से बसपा सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने वाली 24 वर्षीय युवती ने भी मंगलवार को अस्पताल में तोड़ दिया। सुप्रीम कोर्ट के बाहर युवती ने अपने पुरुष मित्र सत्यम प्रकाश के साथ 16 अगस्त को खुद को आग लगा ली थी। दोनों को राम मनोहर लोहिया अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां डाक्टरों ने सत्यम को 70 फीसद व युवती को 65 फीसद झुलसा हुआ बताया था। 26 साल के सत्यम की मौत 20 अगस्त को ही हो गई थी।

पुलिस के मुताबिक मंगलवार सुबह 11 बजे युवती की मौत हुई। पोस्टमार्टम करवा शव स्वजन को सौंप दिया गया। आर्थिक तंगी के कारण स्वजन ने शव को बलिया ले जाने से इन्कार किया तो पुलिस ने दिल्ली में ही अंतिम संस्कार करवा दिया। युवती बलिया की रहने वाली थी। छोटा भाई दसवीं में पढ़ता है।

पिता की पहले ही मौत हो चुकी है और मां मानसिक तौर पर कमजोर हैं। सत्यम गाजीपुर के भांवरकोल थाना क्षेत्र के सियाड़ी गांव का रहने वाला था और मामले में चश्मदीद गवाह था। दोनों बनारस में यूपी कालेज में साथ पढ़ते थे। सत्यम भांवरकोल तृतीय से पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ चुका था। वह पहले सांसद अतुल राय के साथ रहता था। युवती द्वारा सांसद के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराए जाने के बाद वह युवती के साथ रहने लगा था।

निचली अदालत व हाई कोर्ट से सांसद को सजा नहीं मिलने पर युवती ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। 16 अगस्त को सुनवाई थी। जरूरी दस्तावेज न होने से सुरक्षाकर्मियों ने दोनों को सुप्रीम कोर्ट के भीतर जाने से रोक दिया। इसके बाद उन्होंने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क कर आग लगा ली थी। सांसद ने भी युवती पर किया था जालसाजी व हनीट्रैप का केस: युवती ने 2015 में यूपी कालेज में छात्रसंघ का चुनाव लड़ा था। इस दौरान वह सांसद के संपर्क में आई थी।

2019 में लोकसभा चुनाव से पहले युवती ने अतुल राय के खिलाफ लंका थाना, वाराणसी में दुष्कर्म का मुकदमा कराया था। इसके बाद सांसद ने भी युवती व उसके दोस्त के खिलाफ वाराणसी के कैंट थाने में जालसाजी व हनीट्रैप की धाराओं में मुकदमा करा दिया था। दोनों की गिरफ्तारी नहीं होने पर सांसद के भाई ने सीजीएम कोर्ट में अर्जी दायर की थी। कोर्ट ने दोनों को दो अगस्त को भगोड़ा घोषित कर दिया था। खुद को आग लगाने से पहले दानों ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर दस मिनट का फेसबुक लाइव भी किया था। इसमें उन्होंने एसएसपी अमित पाठक, सीओ अमरेश सिंह, दरोगा संजय राय और उसके बेटे विवेक राय, पूर्व आइजी अमिताभ ठाकुर पर गंभीर आरोप लगाया था। इनकी वजह से न्याय न मिलने की बात कही थी।

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