भारत और अमेरिका ने वैश्विक विकास साझेदारी समझौते को पांच साल के लिए आगे बढ़ाया

नई दिल्ली : भारत और अमेरिका ने वैश्विक विकास में साझेदारी के लिए अपना समझौता और पांच साल के लिए बढ़ा लिया है। यह समझौता सहयोगी देशों को संयुक्त रूप से मदद मुहैया कराने के संबंध में है। इस समझौते के जरिये दोनों देश संपर्क बढ़ाने, कारोबार, निवेश, स्वास्थ्य सुविधाओं और कृषि के क्षेत्र में मदद मुहैया कराते हैं।

यह समझौता त्रिकोणीय आधार पर है, जिसमें भारत और अमेरिका के अलावा मदद पाने वाला देश भी भागीदार बनता है। स्टेटमेंट आफ गाइडिंग प्रिंसिपल्स (एसजीपी) पर सबसे पहले नवंबर 2014 में दस्तखत हुए थे।

इसके बाद इसमें बढ़ोतरी होती रही। 2026 में इस समझौते में संशोधन किया जाएगा। नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि यह समझौता दोनों देशों को खासतौर पर एशिया और अफ्रीका में साथ मिलकर विकास कार्यों को करने का मौका देगा।

इस समझौते के जरिये दोनों देश वैश्विक स्थिरता और संपन्नता के लिए कार्य करेंगे। आने वाले पांच साल के लिए हुआ यह समझौता कई उपलब्धियां हासिल करेगा। भारत में द्विपक्षीय मामलों के प्रभारी अतुल केशप ने कहा है कि यह समझौता दोनों देशों के वैश्विक संपन्नता के लिए संकल्प को दर्शाता है।

जबकि भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि एसजीपी के तहत हो रहे कार्यों की वार्षिक समीक्षा कर दोनों देश अपने सहयोग को उत्तरोत्तर बढ़ा रहे हैं। इससे एक-दूसरे के प्रति हमारा विश्वास बढ़ रहा है। साथ ही दुनिया को हम ज्यादा लाभान्वित कर पा रहे हैं। इससे हमारा वैश्विक कल्याण का संकल्प पूरा हो रहा है।

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