भारत-बांग्लादेश के बीच गृह सचिव स्तरीय वार्ता संपन्न, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

भारत और बांग्लादेश के बीच 19वें गृह सचिव स्तर की वार्ता (एचएसएलटी); ‘मुजीब वर्ष’ तथा बांग्लादेश मुक्ति युद्ध और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष की पृष्ठभूमि में आज वर्चुअल रूप में आयोजित की गयी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय गृह सचिव श्री अजय कुमार भल्ला ने किया, जबकि बांग्लादेश प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्वबांग्लादेश के गृह मामलों के मंत्रालय के सार्वजनिक सुरक्षा प्रभाग में वरिष्ठ सचिव श्री मुस्तफा कमाल उद्दीन  ने किया।

भारत और बांग्लादेश अपने द्विपक्षीय संबंधों को अत्यधिक महत्व देते हैं। दोनों सचिवों ने सुरक्षा और सीमा संबंधी मुद्दों में आपसी सहयोग को और अधिक विस्तार देने और मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के हितों के खिलाफ किसी भी गतिविधि के लिए देश के क्षेत्रों का उपयोग करने की अनुमति नहीं देने की पुष्टि की।

दोनों पक्षों ने दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की सहमति के अनुसार भारत-बांग्लादेश बॉर्डर (आईबीबी) पर बाड़ लगाने के लंबित कार्य को जल्द पूरा करने पर चर्चा की।

दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच सहयोग तथा आतंकवाद और उग्रवाद के खतरे का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए की गई कार्रवाई की सराहना की। दोनों पक्षों द्वारा सीमा पार अवैध गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए समन्वित सीमा प्रबंधन योजना (सीबीएमपी)के प्रभावी कामकाज की सराहना की गई।

अगस्त, 2019 में आयोजित गृह मंत्री स्तरीय वार्ता (एचएमएलटी) में लिए गए निर्णय को लागू करते हुए;जनवरी, 2021 में आयोजित पहली पुलिस प्रमुख वार्ता की दोनों पक्षों ने सराहना की।

दोनों पक्ष भारतीय मुद्रा के नकली नोट (एफआईसीएन) और वर्जित सामानों की तस्करी को रोकने के लिए सहयोग के स्तर को और बढ़ाने पर सहमत हुए।

बांग्लादेश ने विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में भारत द्वारा प्रदान की गई सहायता की सराहना की।

दोनों पक्षों ने सुरक्षा और सीमा संबंधी सहयोग की समग्र रूप में समीक्षा की और दोनों पक्ष दोनों देशों के नेतृत्व के साझा दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए। 

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