नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत की मजबूत बुनियाद और बड़ा बाजार विदेशी निवेश को आकर्षित करता रहेगा। उन्होंने यह बात गिरीश भालचंद्र बापट और राहुल शेवाले द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में लोकसभा में कही।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआइसी) के कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतनमान पहली अगस्त, 2017 से संशोधित किए जाने की भी जानकारी दी।
वित्त मंत्री ने विश्व निवेश रिपोर्ट, 2021 का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2020 में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) प्रवाह 25.4 फीसद बढ़कर 64 अरब डालर तक पहुंच गया है। वर्ष 2019 में यह 51 अरब डालर था।
एफडीआइ प्राप्त करने के मामले भारत वर्ष 2019 में आठवें स्थान पर था, जो 2020 में पांचवें स्थान पर आ गया। ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट को लेकर होने वाली घोषणाओं की बात करें तो 2020 में इसमें 19 फीसद की गिरावट आई है।
हालांकि यह विकसित देशों में आई 44 फीसद की गिरावट की तुलना में काफी कम है। सीतारमण ने कहा कि अगर समग्र विदेशी निवेश के प्रवाह को देखें तो भारतीय इकोनामी की बुनियाद मजबूत है और यह काफी बड़ा बाजार है।
ऐसे में यह लंबी अवधि में विदेशी निवेश को आकर्षित करता रहेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि विश्व बैंक की आर्थिक संभावनाओं को लेकर तैयार की गई रिपोर्ट के बाद वैश्विक विकास को संशोधित करके 5.6 फीसद कर दिया गया है।
इसकी मुख्य वजह निरंतर टीकाकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के चलते अर्थव्यवस्था में हो रहा तेज सुधार है। उन्होंने कहा कि विश्व के सापेक्ष भारत में आर्थिक हालात काफी तेजी से सुधर रहे हैं।
पेट्रोल-डीजल से हुई 3.35 लाख करोड़ की कमाई
पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले टैक्स से बीते वित्त वर्ष के दौरान केंद्र सरकार की कमाई 88 फीसद बढ़कर 3.35 लाख करोड़ रुपये हो गई है। उत्पाद शुल्क बढ़ाए जाने के चलते सरकार की कमाई में इजाफा हुआ है। यह जानकारी सोमवार को पेट्रोलियम राज्यमंत्री रामेश्वर तेली ने लोकसभा में दी।
दरअसल, पिछले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 19.98 रुपये थी जिसे बढ़ाकर 32.90 रुपये कर दिया गया। इसी तरह डीजल पर पिछले साल एक्साइज ड्यूटी 15.83 रुपये थी जिसे बढ़ाकर 31.80 रुपये कर दिया गया था।
इस साल अप्रैल-जून की अवधि में सरकार को 1.01 लाख करोड़ रुपये उत्पाद शुल्क के तौर पर मिले हैं। इसी अवधि में प्रत्यक्ष कर संग्रह 2.41 लाख करोड़ से कुछ ज्यादा रहा है। यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में दी।
राज्यों को 81,179 करोड़ रुपये जीएसटी क्षतिपूर्ति दिया जाना बाकी वित्त वर्ष 2020-21 के लिए राज्यों को जीएसटी क्षतिपूर्ति के तौर पर 81,179 करोड़ रुपये दिया जाना बाकी है। वहीं इस वर्ष अप्रैल-मई की बात करें तो 55,345 करोड़ रुपये दिया जाना शेष है। यह जानकारी लोकसभा में वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने दी।
पहली तिमाही में 17,000 से ज्यादा कंपनियां स्थापित हुई इस वर्ष अप्रैल से जून के दौरान देश में 17,200 से अधिक नई कंपनियां स्थापित हुई। यह जानकारी कारपोरेट मामलों के राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने सोमवार को लोकसभा में दी।
इस वर्ष 30 जून तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो देश में 21,87,026 कंपनियां पंजीकृत थीं। इनमें 13,76,366 कंपनियां सक्रिय थीं, जबकि 8,10,660 कंपनियां बंद हो चुकी थीं।


