नई दिल्ली। देशभर में उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और हेराफेरी पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार द्वारा लगातार प्रवर्तन अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनके तहत बड़े स्तर पर छापेमारी और कार्रवाई की गई है। हालिया जानकारी के अनुसार किसानों के हितों की रक्षा के लिए हजारों लाइसेंस रद्द या निलंबित किए गए हैं, जिससे बाजार में पारदर्शिता और उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई
रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि उर्वरकों को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत आवश्यक वस्तु घोषित किया गया है। वहीं, उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के माध्यम से राज्य सरकारों को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के व्यापक अधिकार दिए गए हैं। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर साप्ताहिक आधार पर प्रवर्तन गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं।
देशभर में बड़े स्तर पर छापेमारी
सरकार के अनुसार अप्रैल 2025 से अब तक 4,66,415 से अधिक छापे मारे गए हैं। इस दौरान 16,246 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, जबकि 6,800 से अधिक उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए हैं। इसके अलावा 821 प्राथमिकी भी दर्ज की गई हैं। फरवरी 2026 में भी विशेष कार्रवाई करते हुए जमाखोरी के मामलों में नोटिस जारी कर लाइसेंस रद्द किए गए।
रबी सीजन में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि रबी सीजन 2025-26 के दौरान यूरिया, डीएपी, एमओपी और एनपीकेएस जैसे प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता देशभर में पर्याप्त बनी हुई है। मांग के मुकाबले उपलब्धता अधिक रहने से किसानों को किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
यूरिया सस्ती दर पर उपलब्ध
किसानों को किफायती दरों पर यूरिया उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी योजना लागू की जा रही है। वर्तमान में 45 किलो यूरिया के बैग का अधिकतम खुदरा मूल्य 242 रुपये निर्धारित है। उत्पादन लागत और बाजार मूल्य के अंतर को सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में वहन किया जाता है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
एनबीएस योजना से संतुलित सब्सिडी
फॉस्फेट और पोटाश युक्त उर्वरकों के लिए सरकार पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) योजना का क्रियान्वयन जारी रखे हुए है। इस योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए सब्सिडी दरें तय की जाती हैं, ताकि किसानों को सस्ती दरों पर उर्वरक मिलते रहें।

