वाशिंगटन : अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पिछले माह हुए ड्रोन हमले में अमेरिका ने अपनी गलती मान ली है। अमेरिकी सेना ने इस गलती के लिए माफी मांगी है।
अमेरिका ने गत 29 अगस्त को काबुल में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) खुरासान के एक आत्मघाती हमलावर को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया था। इसमें सात बच्चों समेत दस नागरिकों की जान चली गई थी। ड्रोन हमले में नागरिकों की मौत की खबर आने पर अमेरिका ने जांच शुरू की थी।
अमेरिकी मध्य कमान के प्रमुख जनरल फ्रैंक मैकेंजी ने शुक्रवार को पेंटागन में पत्रकारों से बातचीत में जांच रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी। मैकेंजी के अनुसार, उस वक्त मुझे विश्वास था कि हमने काबुल के एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षा बलों पर मंडरा रहे खतरे को टाल दिया है।
उन्होंने कहा, ‘हमारी जांच अब इस नतीजे पर पहुंची है कि हमला एक दुखद गलती थी। मुझे अब यह यकीन हो गया है कि हमले में जो लोग मारे गए, वे आइएस खुरासान के सदस्य नहीं थे या उनसे अमेरिकी बलोंे को खतरा नहीं था।’ मैकेंजी ने बताया कि रक्षा विभाग पेंटागन मुआवजा देने पर विचार कर रहा है।
इधर, रक्षा मंत्री लायड आस्टिन ने एक बयान में बताया कि ड्रोन हमले में एक अहमदी की भी मौत हुई थी, जो एक एनजीओ के लिए काम करते थे। उन्होंने कहा, ‘हमें अब पता चला है कि अहमदी और आइएस खुरासान के बीच कोई संबंध नहीं था। हम माफी मांगते हैं और हम इस भयावह गलती से सबक लेंगे।’

