काबुल : अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान शासन की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। नई सरकार के गठन को लेकर कभी भी एलान हो सकता है। तालिबान राज का नेतृत्व संगठन का सह-संस्थापक अब्दुल गनी बरादर करेगा। वह दोहा स्थित तालिबान के सियासी दफ्तर का प्रमुख भी है। तालिबान के सभी शीर्ष नेता राजधानी काबुल पहुंच गए हैं।
तालिबान के तीन करीबी सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि नई अफगान सरकार का नेतृत्व बरादर करेगा और इस बारे में घोषणा जल्द की जाएगी। तालिबान संस्थापक मुल्ला उमर का पुत्र मुल्ला याकूब और शेर मुहम्मद अब्बास स्तानिकजई भी सरकार में वरिष्ठ पदों पर आसिन होगा। शेर मुहम्मद तालिबान के सियासी दफ्तर का उपनेता है।
जबकि एक अन्य सूत्र ने बताया कि तालिबान का सर्वोच्च नेता मुल्ला हिबातुल्ला अखुंदजादा धार्मिक मामलों और इस्लाम के दायरे में शासन के कामकाज की देखरेख करेगा। इससे पहले यह खबर आई थी कि अखुंदजादा सरकार का मुखिया होगा। तालिबान के एक अधिकारी ने कहा, ‘संगठन के सभी शीर्ष नेता काबुल पहुंच गए हैं। नई सरकार के गठन के लिए तैयारी अंतिम चरण में है।’ बता दें कि अफगानिस्तान के ज्यादातर हिस्सों पर नियंत्रण के बाद तालिबान ने गत 15 अगस्त को काबुल पर कब्जा कर लिया था। तभी से नई सरकार के गठन की प्रक्रिया चल रही है।
सरकार में होंगे 25 मंत्री तालिबान सूत्रों के अनुसार, संगठन के सदस्यों के साथ ही नई सरकार का गठन किया जाएगा। सरकार में 25 मंत्रियों को शामिल किया जाएगा, जिसमें 12 मौलवी होंगे। उन्होंने बताया कि कैबिनेट का जल्द गठन होगा, लेकिन इस बारे में अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है।
वेस्टर्न यूनियन और मनीग्राम की सेवाएं बहाल समाचार एजेंसी रायटर के अनुसार, वेस्टर्न यूनियन और मनीग्राम इंटरनेशनल इंक ने अफगानिस्तान में गुरुवार से अपनी सेवाएं बहाल कर दी हैं। मनी ट्रांसफर सेवाएं बहाल होने से नकदी की कमी का सामना कर रहे इस देश में विदेशी धन के प्रवाह का रास्ता खुल गया है। वित्तीय क्षेत्र की इन दिग्गज अमेरिकी कंपनियों ने तालिबान के कब्जे के बाद अपनी सेवाएं बंद कर दी थीं।

