वर्तमान खरीफ विपणन सीजन (केएमएस) 2020-21 के दौरान,सरकार ने अपनी मौजूदा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजनाओं के अनुसार किसानों से एमएसपी पर खरीफ 2020-21 फसलों की खरीद जारी रखी है,जैसा कि पिछले सत्रों में किया गया था।
| खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों/ केंद्र-शासित प्रदेशों में सुचारु रूप से चल रही है। पिछले वर्ष के 352.70 लाख मीट्रिक टन की तुलना में इस वर्ष (23.12.2020 तक) 436.20 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है और इस प्रकार पिछले वर्ष के मुकाबले धान खरीद में 23.67 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। 436.20 लाख मीट्रिक टन की कुल खरीद में से अकेले पंजाब ने इस वर्ष 30 नवंबर 2020 को खरीद सीजन के समाप्त होने तक 202.77 लाख मीट्रिक टन का योगदान दिया है, जो कुल खरीद का 46.48 % है। | ![]() |
वर्तमान में जारी केएमएस खरीद संचालन के तहत 82356.16 करोड़ रुपये मूल्य के धान की खरीद की गयी है और इससे लगभग52.74 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं।

इसके अलावा, राज्यों से प्रस्ताव के आधार पर खरीफ विपणन सीजन 2020 के लिए तमिलनाडु,कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना,गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश,ओडिशा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश राज्यों से मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत51.66 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद के लिए मंजूरी दी गई थी। इसके अलावा,आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल राज्यों के लिए कोपरा (बारहमासी फसल) की 1.23लाख मीट्रिक टन की खरीद को भी मंजूरी दी गई। पीएसएस के तहत अन्य राज्य/केन्द्र शासित प्रदेशों से खरीद के प्रस्तावों की प्राप्ति पर दलहन, तिलहन और कोपरा के लिए भी मंजूरी दी जाएगी ताकि अधिसूचित फसल अवधि के दौरान बाजार दर एमएसपी से कम होने की स्थिति में वर्ष 2020-21 के लिए अधिसूचित एमएसपी के आधार पर इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद, राज्य की ओर से नामित खरीद एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में सीधे पंजीकृत किसानों से की जा सके।
23 दिसंबर 2020 तक सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 1197.40 करोड़ रुपये की एमएसपी मूल्य वाली मूंग, उड़द,मूंगफली की फली और सोयाबीन की 223594.64 मीट्रिक टन की खरीद की है जिससे तमिलनाडु,महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा और राजस्थान के 121655 किसान लाभान्वित हुए हैं।
इसी तरह, 23 दिसंबर 2020 तक52.40 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य पर 5089 मीट्रिक टन कोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद की गई है, जिससे कर्नाटक और तमिलनाडु के 3,961किसान लाभान्वित हुए हैं जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान293.34 मीट्रिक टन कोपरा खरीदा गया था। कोपरा और उड़द के संदर्भ में, अधिकांश प्रमुख उत्पादक राज्यों में दरें एमएसपी से अधिक हैं। संबंधित राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश की सरकारें खरीफ की फसल दलहन और तिलहन के संबंध में आवक के आधार पर संबंधित राज्यों द्वारा तय की गई तारीख से खरीद शुरू करने के लिए आवश्यक व्यवस्था कर रही है।

पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना,आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक राज्यों में एमएसपी के तहत बीज कपास (कपास) की खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है। 23 दिसंबर 2020 तक6510294 कपास की गांठें खरीदी गईं जिनका मूल्य19048.87 करोड़ रुपये हैं जिससे 1266004 किसान लाभान्वित हुए हैं।

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