नई दिल्ली : बंगाल और ओडिशा में भारी तबाही मचाने के बाद चक्रवात यास ने झारखंड में भी गुरुवार को जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया। बंगाल और ओडिशा में चक्रवात के कारण डेढ़ लाख से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। लाखों घरों को नुकसान पहुंचा है। दुकानें टूट गई हैं। भारी बारिश के बीच बंगाल में बिजली गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई है।
इस बीच, अशोकनगर में बवंडर आने से लोगों में दहशत का माहौल है। चक्रवात आने से पहले पांडुआ, बंडेल और चिनसुराह में बवंडर आए थे। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि कुछ निचले इलाकों में राहत कार्य प्रभावित हुआ है।
चक्रवात के बुधवार को ओडिशा में तट से टकराने के बाद नेपाल तक असर दिखा जहां भारी बारिश के कारण मैदानी इलाकों में बाढ़ आ गई और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन हुआ। तट से टकराने के समय 130 से 145 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने से भारी नुकसान हुआ।
पूर्णिमा होने के कारण समुद्र में काफी ऊंची लहरें उठीं। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रभावित क्षेत्रों का गुरुवार को हवाई दौरा किया और अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने व एक सप्ताह में नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया।
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुक्रवार को चक्रवात से हुए नुकसान का जायजा लेंगी। ममता ने एक हजार करोड़ के राहत पैकेज का एलान किया है। नौसेना की सात टीमें राहत कार्य में लगी हैं।
सेना व राष्ट्रीय आपदा मोचन बल व राज्य आपदा मोचन बल की टीमें भी राहत व बचाव कार्य में लगी हैं। कम दबाव के क्षेत्र में बदला यास बुधवार रात ओडिशा से झारखंड पहुंचने के बाद यास चक्रवात की श्रेणी से कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया।
हालांकि इसके कारण रांची सहित राज्य के सभी जिलों में भारी बारिश हुई। राज्य में आठ लाख लोग प्रभावित हुए हैं। कई नदियां उफान पर हैं।
पुल व पुलिया डूब गए हैं। कई जगह कच्चे घर व पेड़ गिर गए हैं। खेतों में सब्जियों को नुकसान हुआ है। जेठ के पहले दिन सावन-भादो का नजारा दिखा। तमाड़ में बारिश से कांची नदी पर बना पुल टूट गया है।
आठ करोड़ की लागत से महज तीन वर्ष पूर्व बने इस पुल का उद्घाटन भी नहीं हुआ था। जगन्नाथपुर थाना के स्कूल के पास दीवार के गिरने से 25 वर्षीय पिता और एक वर्षीय पुत्र की मौत हो गई। राज्य में कुल तीन लोगों की मौत की खबर है। पूर्वी उत्तर प्रदेश तक जाएगा यास उधर, बिहार के दक्षिण, दक्षिण पूर्व व मध्य क्षेत्र के जिले में इसका असर दिख रहा है।
बिहार के बाद यास और कमजोर होकर शुक्रवार तक पूर्वी उत्तर प्रदेश पहुंच जाएगा। बिहार में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा के साथ बारिश हो रही है। वैशाली जिले में पेड़ गिरने से 10 वर्षीय बालक की मौत हो गई। यास के कारण गुरुवार शाम 6:45 बजे से
शुक्रवार सुबह नौ बजे तक पटना का जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बंद कर दिया गया। विस्तारा के विमान को बिना लैंडिंग के वापस कर दिया गया। बैतरणी नदी खतरे के निशान के पार ओडिशा के उत्तरी जिले क्योंझर के जोडा में 268 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई। लथीकाटा, बासुदेवपुर, चांदीकोल और देवगर में भी भारी बारिश हुई। बैतरणी नदी खतरे का निशान पार कर बह रही है।
बंगाल में 15,000 करोड़ के नुकसान का अनुमान बंगाल के विभिन्न जिलों में तबाही का मंजर है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 15,000 करोड़ के नुकसान की आशंका जताई है। प्रभावितों के लिए राज्य सरकार द्वारा दुआरे त्रान (दरवाजे पर राहत) योजना शुरू की गई है।
पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर एवं दक्षिण 24 परगना जिलों के दर्जनों गांव पानी में डूबे हैं। लोग खुले आसमान के नीचे बैठे हैं। बहुतों के पास खाने-पीने को अन्न का एक दाना तक नहीं है। बारिश ने उनकी मुसीबत बढ़ा दी है। कई जगह अब तक राहत नहीं पहुंच पाई है।
कादुपाड़ा गांव में कमर तक भरे पानी में बच्चों को गोद लिए लोग परेशान दिखे। विख्यात पर्यटन स्थल दीघा, बकखाली और मंदारमनी तबाह हो चुके हैं। खूबसूरत समुद्री तट वीभत्स नजर आ रहा है। होटलों में समुद्र का पानी भर गया है।
कई और तटबंध टूट गए, जिससे गांवों में पानी घुस गया है। कोलकाता के भी नदी किनारे वाले कई इलाके जलमग्न हैं। कालीघाट इलाके में भी पानी जमा हुआ है। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर चक्रवात से निपटने की तैयारियों में विफल रहने का आरोप लगाया है।

