कैबिनेट ने प्रोडेक्शन लिंक्ड इंसेटिव योजना को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र मे लागू करने को दी मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में फूड प्रोसे सिंग यानी खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए  लगभग 10 हजार 900 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। इसे पीएलआई यानी उत्पाद-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना के तहत मंजूरी दी गई है।

बुधवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत देश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की इकाइयों को करीब दस हजार नौ सौ करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

इस योजना को हितधारकों के साथ बातचीत और विचार विमर्श के बाद तैयार किया गया है। इस योजना में रागी जैसे स्थानीय खाद्य फसलों को भी जोड़ा गया है । एक अनुमान के मुताबिक इस योजना से अगले पांच साल में करीब ढाई लाख युवाओं को रोजगार के मौके मिल सकेंगे। 
इस मौके पर पीयूष गोयल ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीन कृषि कानूनों को लेकर कुछ लोगों ने किसानों को भ्रमित करने की कोशिश की है और एक नेगेटिव माहौल बनाने की कोशिश की है लेकिन आज देश के किसान समझ गए हैं कि नए कानून उनके लिए सिर्फ एक विकल्प है।

देश-विदेश की तमाम कंपनियों को भारत में सामान बनाने के लिए आकर्षित करने के मद्देनज़र  सरकार ने प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम शुरूआत की है। पीएलआई स्कीम के तहत केंद्र सरकार अगले पांच साल के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में देश में सामान निर्मित करने वाली कंपनियों और ईकाइयों को 1.46 लाख करोड़ रुपये का प्रोत्साहन देने जा रही है।

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