कोरोना के नए रुप ने भारत में भी दी दस्तक, ब्रिटेन से लौटे 6 विमान यात्रियों के नमूने पाए गए सार्स-2 से संक्रमित.

कोरोना के ख़िलाफ जंग अपने एक अहम मोड़ पर है। हम ऐसा क्यों कह रहे हैं, एक तरफ तो हम कोरोना के संक्रमण को मोटे तौर पर नियंत्रित करने मे कामयाब दिख ऱहे हैं कि क्योंकि दैनिक मामलों में लगातार गिरावट है। तो वहीं, नया स्ट्रेन चिंताएं पैदा करता दिखता है, लेकिन राहत की बात है कि टीकाकरण की तैयारियों पुख्ता हो रही हैं, क्योंकि आने वाली वैक्सीन नए यूके स्ट्रेन से भी पूरी तरह लड़ने में कामयाब है।

कोरोना वायरस के नए प्रकार या कहें वेरिएंट के भारत पहुंचने की ख़बरों के बीच मंगलवार को राहत की ख़बरें भी आईं। मंगलवार सुबह जारी सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, दैनिक मामलों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

पिछले 24 घंटे में 16,432 नए मामले रिपोर्ट किए गए हैं, जो हाल के कुछ महीनों में एक दिन में सामने आए संक्रमितों की सबसे कम संख्या है। वहीं, अब तक संक्रमण से ठीक होने वाले कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 98 लाख के पार पहुंच गई है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 24,900 मरीजों ने वायरस को मात दी है और इलाज के बाद ठीक होकर घर लौटे हैं। वहीं, देश में कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या तीन लाख से नीचे बनी हुई है। देश में कोविड-19 के कुल सक्रिय मामलों की संख्या 2,68,581 है, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। देश में कोविड-19 के मामलों में मृत्यु दर 1.44 प्रतिशत है, वहीं राष्ट्रीय स्तर पर मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 95.82 प्रतिशत हो गई है। 

वहीं, इस बीच ब्रिटेन में पाए गए कोरोना वायरस के एक नए प्रकार यानी स्ट्रेन के ख़तरे को लेकर भारत चौकस दिख रहा है। 

ताज़ा जानकारी के मुताबिक ब्रिटेन से भारत आए छह लोग कोरोना वायरस के नए ब्रिटेन वेरिएंट जीनोम से संक्रमित पाए गए हैं। इन सभी लोगों को क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया है। इनमें से 3 बेंगलुरु, 2 हैदराबाद और 1 पुणे की लैब में पाए गए। 

इतना ही नहीं, सरकार ने संक्रमितों के क़रीबी संपर्कों को भी क्वारंटीन किया है। साथ ही इनके सहयात्रियों की पहचान के लिए कॉंटेक्ट ट्रेसिंग भी जारी है। गौरतलब है कि 25 नवंबर से 23 दिसंबर तक यूके से करीब 33 हजार लोग भारत आए हैं। भारत सरकार के उड्डयन मंत्रालय ने फिलहाल ब्रिटेन के आने वाली उड़ानों पर 31 दिसंबर तक प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन संकेत मिले हैं कि हालात को देखते हुए इसी आगे बढ़ाया जा सकता है।

ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए वायरस के नए वेरिएंट को व्यवस्थित तरीके से जांचने के लिए सरकार की अलग अलग एजेंसियों के 10 प्रयोगशालाओं का एक समूह बनाया गया है जो जीनोम सीक्वेंसिंग करेगी। जिससे यूके वेरिएंट से साथ साथ दूसरे वेरिएंट पर नज़र रखेगी। 

वहीं, वायरस के नए वेरियंट को देखते हुए वैक्सीन के प्रभाव को लेकर भी सरकार ने मंगलवार को स्थिति साफ कर दी कि ब्रिटेन से आए कोरोना वायरस के हर वेरियंट पर वैक्सीन काम करेगी। 

इस चिंताजनक परिस्थितियों में भारत ने वैक्सीन को लोगों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को पुख्ता बनाने में लगी है। नए साल में कोरोना को जड़ से मिटाने के लिए हिन्दुस्तान तैयार हो रहा है। सरकार ने पंजाब, असम, आंध्र प्रदेश और गुजरात के दो- दो जिलों में कोविन- 19 वैक्सीनेशन की तैयारी परखने के लिए दो दिनों का ड्राई रन सोमवार को शुरु किया था, जिसका मंगलवार को समापन हो गया। अभी तक मिली सूचना बताती है कि ड्राई रन का विशलेषण कर एक रिपोर्ट बनाई जाएगी, जो राज्यों को कोरोना टास्क फोर्स के पास जाएगी जिसके आधार पर कोविड टास्क फोर्स की गाइडलाइन में कुछ बदलाव किया जाएगा। वहीं, एक बड़ी बात ये भी है कि ड्राई रन में कोल्ड चेन से वैक्सीनेशन साइट्स तक वैक्सीन लाने- ले जाने की प्रक्रिया परखी जा रही है, जिसमें अलग अलग हवाई-अड्डों और वहीं कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं को भी परखने में मदद मिल रही है। 

इन सबके बीच, आंकड़े ये  बताते हैं कि भारत में पिछले सप्ताह पॉजिटिविटी रिपोर्ट 2.25% रही है। यहां तक की प्रतिदिन मृत्यु के मामले भी अब 300 से कम हो रहे हैं।  राहत की बात ये भी है कि संक्रमण के 60 प्रतिशत मामले सिर्फ पांच राज्यों से हैं, जैसे महाराष्ट्र, केरल, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़।

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