खाद के लिए वितरण केंद्रों पर लग रही लंबी-लंबी कतारें,तीन दिन से चक्कर काट रहे कृषक

किसानों का आरोप प्रभावशाली लोगों को मिल रही खाद

कृषि उपज मंडी समिति सेवढ़ा में खाद वितरण के लिए केंद्र स्थापित किया गया है। यहां रोज लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलती है। कोविड 19 संक्रमण को लेकर बनाई गई गाइड लाइन का यहां कोई पालन नहीं किया जा रहा। लोग एक दूसरे से सटे बगैर मास्क के खाद के लिए अपनी बारी का इंतजार करते है। कई लोग रोज कतार में लगते हैं और लौट जाते है। उनका नंबर तक नहीं आ पाता। किसानों का आरोप है कि खाद केवल प्रभावशाली लोगों को मिल रही है। कई किसानों ने पावती पर दर्ज मात्रा से कम खाद देने का भी आरोप लगाया है।शनिवार को दोपहर 2 बजे भी केंद्र पर लंबी लाइन देखी गई। यह तस्वीर उसी समय की है। केंद्र पर किसानों की काफी भीड़ थी। लाइन में लगे कृषक नहला निवासी मंगल िसंह ने बताया कि वह दो दिन पहले ही पावती एवं कागज जमा कर गए थे, पर उनका नंबर नहीं आया। आज भी खाली हाथ लौट रहे है। खाद प्रभावशाली लोग एवं नेताओं के फोन पर दी जा रही है। कोई सुनने वाला नहीं है। केंद्र पर मौजूद रामकुमार झा के अनुसार कई लोगों के रकवे के मान से 15 बोरी मिलनी चाहिए और पावती पर यही मात्रा दर्ज होती है, पर सेल्समैन 10 बोरी देकर 10 के ही पैसे लेते हैं। ऐसे में किसानों की हिस्से की 5 बोरी ब्लैक करने के लिए बचाई जा रही है। मंगरोल निवासी श्रीकृष्ण त्यागी के अनुसार आज उनका नंबर ही नहीं लगाया गया। अब एक दिन नंबर लगाने आना पड़ेगा और दूसरे दिन खाद लेने जबकि इन दिनों खेतों पर काम की अधिकता है।

किसानों की परेशानी पर प्रशासन का नहीं है ध्यान

किसानों की इस बड़ी समस्या की ओर जिला प्रशासन द्वारा भी कतई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसके कारण खाद वितरण केंद्रों पर मनमानी की जा रही है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन तब कार्रवाई के लिए आगे आता है जब सारा मामला बिगड़ जाता है। खाद की कालाबाजारी और महंगे दाम के प्रति भी प्रशासन द्वारा अभी तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है।

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