खिलौना उद्योग के लिए सरकार की बड़ी पहल, राष्ट्रीय कार्य योजना तैयार

भारत के एक अरब डॉलर के खिलौना मार्केट के लिए सरकार की बड़ी पहल , शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और महिला बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने संयुक्त रुप से शुरु किया Toycathon-2021 और Toycathon पोर्टल.

खिलौना उद्योग एक ऐसा सेक्टर है जो तेजी से आगे बढ़ रहा है। घरेलू उद्योग के साथ साथ दुनियाभर में खिलौने और गेंमिग का बड़ा बाजार मौजूद है। देश में खिलौनो की मांग का महज 20 फीसदी ही स्थानीय स्तर पर पूरा हो पाता है । ऐसे समय में जब मोदी सरकार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है ।  खिलौना उद्योग को भी स्वावलंबी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का लक्ष्य ऱखा गया है। इस दिशा में अहम कदम के तहत दिल्ली में मंगलवार को (TOYCATHON) टॉयकथॉन- 2021 लांच किया गया।इसके तहत दो कैटेगरी ऑन लाइन और वास्तविक खिलौने के लिये कान्सेप्ट मांगे गये है।

इसके तहत थीम बेस खिलौनों को बढ़ावा देने के साथ तीन स्तर पर नये सुझावों को आगे बढ़ावा दिया जाएगा। प्रतिभागी अपने नव विचारों को इसके लिए समय सीमा 20 जनवरी है। चयनित प्रतिभागियों को 50 लाख रूपये तक पुरस्कार राशि भी दी जायेगी। देश के इतिहास में पहली बार खिलौना बनाने की प्रकिया में नये विचारों और कान्सेप्ट में उच्च शिक्षा संस्थानों के  साथ साथ स्कूल के बच्चो को भी शामिल किया गया है। उद्देश्य है कि 21वीं सदी का स्वर्णिम भारत  में स्वदेशी खिलौना उद्योग की भी अहम भागेदारी रहे।

गौरतलब है कि देशभर में उच्च गुणवत्ता वाले खिलौनो के निर्माण को बढ़ावा देने के लिये क्लस्टर भी विकसित  किये जा रहे है। इसके साथ ही गुजरात में गांधी नगर में चिल्ड्रेन विश्वविद्यालय बनाई जा रही है। मोदी सरकार दरअसल खिलौना उद्योग को न केवल दुनिया के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बनाना चाहती है बल्कि भारतीय संस्कृति के लिहाज से खिलौनो के निर्माण के साथ स्थानीय कारीगरों को रोजगार भी मुहैया कराया जा सके।

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