गृहमंत्री अमित शाह ने ‘राष्ट्रीय पुलिस के-9 पत्रिका’ के प्रथम अंक का विमोचन किया

“यह एक ऐसी अनूठी पहल है जो देश में पुलिस सेवा श्वान (के-9) (पीएसके) टीमों से संबंधित विषयों को और अधिक समृद्ध बनाएगा” “राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर समान रूप से ध्यान देने के लिए हमारी सरकार ईमानदारी से प्रयास कर रही है” “समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस का श्वान दस्ता एक फोर्स मल्टिप्लायर के रूप में काम कर सकता है” “इनका उपयोग मादक पदार्थों का पता लगाने से लेकर आतंकवादियों से मुक़ाबला करने में भली-भांति किया जा सकता है”

 

गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को नई दिल्ली में ‘राष्ट्रीय पुलिस के-9 पत्रिका’ के प्रथम अंक का विमोचन किया. पुलिस सेवा श्वान (के-9) (पीएसके) अर्थात पुलिस श्वान (Police Dogs) विषय पर देश में यह पहला प्रकाशन है. इस अवसर पर केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और वर्चुअल माध्यम से देशभर से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे.

अमित शाह ने कहा कि “यह एक ऐसी अनूठी पहल है जो देश में पुलिस सेवा श्वान (के-9) (पीएसके) टीमों से संबन्धित विषयों को और अधिक समृद्ध बनाएगा.” गृहमंत्री ने कहा कि “राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर समान रूप से ध्यान देने के लिए हमारी सरकार ईमानदारी से प्रयास कर रही है. समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस का श्वान दस्ता एक फोर्स मल्टिप्लायर के रूप में काम कर सकता है. जैसे कि ड्रोन या उपग्रहों के प्रयोग से इस देश में हो रहा है.” अमित शाह ने कहा कि इनका उपयोग मादक पदार्थों का पता लगाने से लेकर आतंकवादियों से मुक़ाबला करने में भली-भांति किया जा सकता है.”

गृह मंत्रालय की पुलिस आधुनिकीकरण डिवीजन के तहत देशभर में पुलिस सेवा के-9 को बढ़ावा देने और उसे मुख्य धारा में लाने के लिए नवंबर 2019 में राष्ट्रीय पुलिस के-9 सेल की स्थापना हुई थी. ‘राष्ट्रीय पुलिस के-9 पत्रिका’ में हिन्दी और अंग्रेज़ी भाषा में 11 खंड हैं प्रथम अंक में सुरक्षाबल कर्मियों के अलावा कई प्रतिष्ठित विदेशी विशेषज्ञों ने भी लेख लिखे हैं. यह पत्रिका साल में दो बार अप्रैल और अक्टूबर माह में प्रकाशित होगी.

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