कोलकाता : बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अब दूसरे राज्यों में पैर जमाने की कोशिश में लगी है। इस क्रम में टीएमसी ने गोवा में कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है।
गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री व सात बार के कांग्रेस विधायक रहे लुइजिन्हो फलेरियो बुधवार को कोलकाता में टीएमसी में शामिल हो गए। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, मंत्री सुब्रत मुखर्जी व वरिष्ठ सांसद सौगत राय की मौजूदगी में फलेरियो समेत उनके समर्थक 10 नेताओं ने टीएमसी का दामन थामा।
इस मौके पर सांसद सौगत राय ने कहा कि हमारे चार वरिष्ठ नेता इस समय गोवा में हैं और गुरुवार को वहां कई और नेता भी टीएमसी में शामिल होंगे। इधर, टीएमसी में शामिल होने से पहले फलेरियो ने राज्य सचिवालय नवान्न में टीएमसी सुप्रीमो व बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मुलाकात की। इससे पहले फलेरियो ने सोमवार को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता व विधानसभा सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था।
कांग्रेस परिवार को एकजुट करना और भाजपा को हराना है मेरा लक्ष्य : फलेरियो ने टीएमसी में शामिल होने के अवसर पर कहा कि उनका लक्ष्य कांग्रेस परिवार को एकजुट करना और भाजपा को हराना है। उन्होंने कहा- जहां एकता रहती है, वहीं ताकत है।
फिलहाल कांग्रेस परिवार बंटा हुआ है। तृणमूल कांग्रेस, वाईएसआर कांग्रेस, शरद कांग्रेस और इंदिरा कांग्रेस। उनका लक्ष्य कांग्रेस परिवार को एकजुट करना है और मूल लक्ष्य भाजपा को हराना है। उन्होंने कहा, ममता बनर्जी एक स्ट्रीट फाइटर हैं।
उनकी तरह ही देश को एक लड़ाकू नेता की जरूरत है। देश को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से टक्कर लेने के लिए ममता बनर्जी जैसे नेता की जरूरत है। फलेरियो के नेतृत्व में गोवा में चुनाव लड़ने की तैयारी में है टीएमसी : माना जा रहा है कि फलेरियो को पार्टी गोवा में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर घोषित कर भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ेगी।
इससे पहले खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी साफ कर चुकी हैं कि पार्टी अगले साल गोवा समेत अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस का विकल्प बनना चाहती है तृणमूल कांग्रेस : गौरतलब है कि बंगाल चुनाव में जीत के बाद ममता व टीएमसी की नजर 2024 के लोकसभा चुनाव पर है।
देश में मुख्य विपक्षी कांग्रेस जहां इस समय नेतृत्व संकट, विभिन्न राज्यों में कमजोर संगठन एवं आपसी कलह से गुजर रही है, ऐसे में मोदी के मुकाबले ममता को विपक्ष के नेता के तौर पर पेश कर टीएमसी, कांग्रेस का विकल्प बनना चाहती है।
इसी का नतीजा है कि ममता बनर्जी अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस नेताओं को तृणमूल कांग्रेस में शामिल कर खुद के असली या ज्यादा मजबूत कांग्रेस होने का दावा पुख्ता करने में लगी हैं।
राहुल के करीबी रहे हैं फलेरियो : बता दें कि फलेरियो कांग्रेस नेता राहुल गांधी के करीबी और गोवा में कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा रहे हैं। उनके टीएमसी में शामिल होने से गोवा में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। इससे पहले अभी कुछ दिन पहले ही असम में कांग्रेस की बड़ी नेता रहीं सुष्मिता देव ने भी कांग्रेस से इस्तीफा देकर तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया था। इसके बाद तृणमूल ने उन्हें राज्यसभा भी भेजा है।


