नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बंगाल की खाड़ी में आने वाले चक्रवात यास से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की और तट के आस-पास की गतिविधियों में शामिल लोगों को समय पर निकालने का आह्वान किया। हालात से निपटने के लिए राज्यों और केंद्र सरकार की एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए पीएम ने अधिकारियों से उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर समन्वय में काम करने और बिजली आपूर्ति और संचार नेटवर्क में व्यवधान आने पर जल्द से जल्द सुधार करने की हिदायत दी। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, अन्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मोदी ने अधिकारियों से राज्य सरकारों से बेहतर तालमेल स्थापित कर यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा ताकि अस्पतालों में कोरोना उपचार और टीकाकरण के काम में कोई व्यवधान न हो। पीएमओ ने एक बयान में कहा कहा कि पीएम ने तटीय समुदायों और उद्योगों जैसे विभिन्न हितधारकों को शामिल करने और सीधे उन तक पहुंचने और उन्हें संवेदनशील बनाने का आह्वान किया। उधर गृह मंत्रालय भी स्थिति की समीक्षा कर रहा है। वह राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है। इसने सभी राज्यों को एसडीआरएफ की पहली खेप भेज दी गई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने 46 टीमों को पहले से तैनात कर रखा है। इसके अलावा रविवार को 13 टीमों को तैनाती के लिए वायुसेना के विमान से भेजा गया। पीएमओ ने 10 टीमों को तैयार रखा है।

