वाशिंगटन : विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) इस बात का फिर से अध्ययन कर सकता है कि कोरोना (सार्स-सीओवी-2) वायरस की उत्पत्ति और दुनियाभर में उसका प्रसार संभवत: चीन की वुहान स्थित लैब से हुआ है। संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेयेसस ने भी आगे के अध्ययन की जरूरत पर सहमति व्यक्त की है। अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री जेवियर बेसेरा ने डब्लूएचओ से अनुरोध किया कि वह सुनिश्चित करे कि कोरोना वायरस उत्पत्ति की अगले चरण की जांच ज्यादा पारदर्शी और और वैज्ञानिक आधार वाली हो।
सीएनएन के मुताबिक, वायरस की उत्पत्ति की जांच कर रहे डब्लूएचओ विज्ञानियों की आगे की जांच के लिए जिन क्षेत्रों की पहचान की गई है उनमें महामारी की शुरुआत के समय जानवरों में कोरोना वायरस की विस्तृत जांच के चीन के आंकड़े शामिल हैं जिनकी पहले अनदेखी की गई। इस बात के रिकार्ड डब्लूएचओ पैनल की मार्च की रिपोर्ट के 200 पेज के संलग्न दस्तावेज (एनेक्स) में शामिल हैं। उस समय वैश्विक विशषज्ञों का इस पर बहुत कम ध्यान गया था।
लेकिन ये आंकड़े चीन के आलोचकों की ज्यादा पारदर्शिता की मांग और आगे की जांच के लिए चीन लौटने की डब्लूएचओ टीम की इच्छा को बल प्रदान कर सकते हैं। हालांकि, टीम के चीन लौटने की कोई तारीख अभी तय नहीं है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पहले छोटे समूह वहां जा सकते हैं और उसके बाद एक बड़ा समूह जा सकता है जैसे जनवरी में 17 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ वहां गए थे। डब्लूएचओ रिपोर्ट के संलग्न दस्तावेज में कई आंकड़े शामिल हैं जिसमें वायरस के बारे में चीन की विकसित होती समझ और उसके उभरने के संभावित समय के बारे में कई बिंदु दिए गए हैं।
इसमें मनुष्यों से मिले कोरोना पाजिटिव नमूनों के भंडारण और उन्हें नष्ट करने के विवरण; कोरोना वायरस के उभार के समय ही दिसंबर, 2019 में इंफ्लूएंजा का उल्लेखनीय प्रसार और इस बात के तथ्य शामिल हैं कि वायरस से संक्रमित होने वाले शुरुआती लोगों का दिसंबर में कुल 28 अलग-अलग खाद्य एवं पशु बाजारों से संपर्क था। व्हाइट हाउस के कोरोना सलाहकार एंडी स्लैविट ने कहा कि दुनिया को कोरोना की उत्पत्ति का पता लगाने की जरूरत है और इसके निश्चित जवाब तलाशने के लिए चीन को और ज्यादा करने की जरूरत है।
बाइडन प्रशासन के चिकित्सा सलाहकार डा. एंथनी फासी को भी लगता है कि दुनिया को इस संदर्भ में जांच जारी रखनी चाहिए और डब्लूएचओ द्वारा की गई जांच को अगले चरण में लेकर जाना चाहिए। अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने तो दावा किया कि हर साक्ष्य इशारा करता है कि कोरोना वायरस वुहान इंस्टीट्यूट आफ वाइरोलाजी से लीक हुआ है और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
बाइडन ने अमेरिकी खुफिया एजेंसियों से जांच के प्रयास बढ़ाने को कहा वाशिंगटन, एपी : अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को अमेरिकी खुफिया एजेंसियों से कोरोना महामारी की उत्पत्ति की जांच के अपने प्रयासों को दोगुना करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि यह निष्कर्ष निकालने के लिए सुबूत अपर्याप्त हैं कि क्या यह किसी संक्रमित जानवर के साथ मानव संपर्क से उभरा है या प्रयोगशाला में हुई दुर्घटना से उभरा है।
उन्होंने कहा, अधिकांश खुफिया समुदाय को यह नहीं लगता कि इसका आकलन करने के लिए पर्याप्त जानकारी है कि किसकी संभावना अधिक है। राष्ट्रपति ने अमेरिकी राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं को जांच में सहायता करने का निर्देश दिया और चीन से महामारी की उत्पत्ति को लेकर अंतरराष्ट्रीय जांच में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने इस संभावना को खारिज कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय जांच में पूरी तरह से सहयोग करने में चीनी सरकार के इन्कार के मद्देनजर एक निश्चित निष्कर्ष कभी नहीं निकाला जा सकता।


