जनशिक्षण संस्थान हुआ जागरुकता कार्यक्रम आयोजित
दतिया. जागरूकता ही एड्स से बचाव का बेहतर रास्ता है। जागरूकता से ही एड्स को रोका जा सकता है। लाइलाज एड्स से पूरी दुनिया पीड़ित है। हजारों लोग जानकारी के आभाव में इस भयानक रोग से पीड़ित हो रहे है। उक्त बात मप्र स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी की पूर्व काउंसलर एवं कार्यक्रम अधिकारी सुधारानी सक्सेना ने जन शिक्षण संस्थान के लाला के ताल िस्थति प्रशिक्षण केंन्द्र पर एड्स जागरूकता कार्यक्रम के दौरान कही। इस मौके पर सहायक कार्यक्रम अधिकारी सीमा सेन ने संबोधित करते हुए कहाकि किसी एचआईवी एड्स पीड़ित के साथ ऐसा भेदभाव पूर्ण व्यवहार होते देखें तो एक पल ठहरे सोचे अगर आपका कोई बेहद करीबी ऐसी बीमारी से ग्रसित होता तो आप क्या करतें? एचआईवी एड्स एक ऐसी बीमारी नहीं है जो छूने और साथ खाने से फैलती है। एड्स एक ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे इंसान को अंदर ही अंदर खोखला कर देती है। इसलिए ऐसे मरीजो को दुत्कारें नहीं प्यार दें । एड्स असुरक्षित यौन संबधों के अलावा संक्रमित सुई, खून एवं अजन्मे बच्चे को उसकी मां से हो सकता है । सरकारी अस्पताल में इसका इलाज मुफ्त है। कार्यक्रम अधिकारी ने प्रशिक्षार्थियों को एड्स के प्रति जागरूक करने साथ ही उनसे अपने आस-पास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आव्हान किया गया। कार्यक्रम में इंद्रजीत दिसौरिया, बबीता गौतम सहित काफी संख्या मंे प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।
