विवाह पंचमी पर मंदिरों में हुए विशेष आयोजन

दतियामार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को भगवान राम ने माता सीता के साथ विवाह किया था। ऐसे में इस तिथि को श्रीराम विवाहोत्सव के रूप में मनाया जाता है। विवाह पंचमी के अवसर पर शहर के राम मंदिरों में विशेष आयोजन सम्पन्न हुए। असनई िस्थत रामलला मंदिर पर इस दौरान संगीतमय रामकथा के साथ ही रामविवाह का आयाेजन हुआ। गत 18 दिसंबर से मंदिर प्रांगण में विवाह की रस्मों का भक्तों ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूरा किया। 19 दिसंबर को भी देर रात तक राम विवाह की रस्में पूरी कराई गई। सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र राम बारात रही। जिसमें भगवान राम की प्रतिमा को दूल्हे के श्रृंगार में सजाकर भक्तों ने निकाला। आज 20 दिसंबर को मंदिर पर राम कलेवा का आयोजन होगा। ग्रामीण अंचल में भी राम विवाह की धूम रही।

इंदरगढ़ नगर के अंदर बस्ती िस्थत राम जानकी मंदिर से राम बारात निकाली गई । इसे देखने के लिए राम भक्तों की भीड़ लगी रही। राम बारात का कई स्थानों पर स्वागत किया गया । मंदिर से शुरू हुई भगवान श्रीराम का डोला सबसे अंत में था जो सभी के आकर्षण का केंद्र रहा। भगवान श्रीराम की पूजा करने की राम भक्तों में होड़ लगी रही। बरात के आगे नगर की युवा डीजे पर नृत्य करते चल रहे थे । राम बारात शहर के प्रमुख मार्ग ग्वालियर रोड, ग्वालियर चौराहा, मेन बाजार शीतला बाजार, भांडेर चौराहा, सेवढ़ा रोड से होती हुई से बावरी सरकार मंदिर पर संपन्न हुई। इस मौके पर नगर के सर्राफा व्यवसाई बबलू सेठ ने मिष्ठान वितरण कर स्वागत किया । नगर के लोगों ने जगह-जगह पानी एवं फल वितरण कर नगर वासियों ने फूल बरसा कर बरात का स्वागत किया। वहीं उपरांय िस्थत आनंदी सरकार मंदिर पर भी विवाह पंचमी के अवसर पर राम विवाह का आयोजन सम्पन्न हुआ

भांडेर में भी मनी विवाह पंचमी

भांडेर में पथनवाली मंदिर परिसर में स्थित सर्वेश्वर राम-जानकी मंदिर पर विगत वर्षों की तरह इस बार भी विवाह पंचमी हर्षोल्लास मय माहौल में शनिवार को भक्तिभाव से मनाई गई। परंपरा अनुसार इस बार कन्यादान की रस्म में कन्या सीता माता के अभिभावक की भूमिका निभाने का दायित्व भांडेर निवासी मुन्नी देवी को मिला । वहीं वर पक्ष प्रभु राम के अभिभावक की जिम्मेदारी रामगढ़ निवासी पली अहिरवार को मिली। कन्यादान रस्म के दौरान भांडेर के मिश्रान मोहल्ला निवासी कैलाश नारायण नायक के घर से तुलसी लाई गई। उनके सुपुत्र साकेत नायक के अनुसार लगभग दो दशक से भी अधिक समय से जब से इस मंदिर पर विवाह पंचमी का आयोजन शुरू हुआ है। उनके घर से ही कन्यादान रस्म के लिए तुलसी लाई जाती है। इस दौरान बारातियों के स्वागत के लिए नगर की धार्मिक आयोजन संस्था जय माई सेवा समिति की तरफ से सर्दी को देखते हुए चाय की व्यवस्था की गई।

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