नई दिल्ली : टाटा समूह सहित देश के कई बड़े व्यापारिक घरानों पर राष्ट्रीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाकर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल विवादों में फंस गए हैं। शिवसेना ने जहां उनसे माफी मांगने को कहा है वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने उनकी टिप्पणी को अपमानजनक बताया है। दरअसल, गुरुवार को गोयल ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआइआइ) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।
इस दौरान उन्होंने टाटा समूह की आलोचना करते हुए कहा था कि घरेलू व्यापारिक घरानों को केवल मुनाफे पर ही अपना ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहिए। गोयल की टिप्पणियों को लेकर विवाद ने नया मोड़ तब लिया जब ‘द हिंदू’ अखबार ने शनिवार को प्रकाशित एक खबर में बताया कि सरकार ने सीआइआइ से गोयल की टिप्पणियों से जुड़ा वीडियो ब्लाक करने को कहा है।
सूत्रों के मुताबिक पत्रकारों के साथ शेयर किए गए गोयल से जुड़े दो वीडियो को अब ब्लाक कर दिया गया है। जब इस संबंध में सीआइआइ और गोयल के कार्यालय से संपर्क किया गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
उधर, शिवसेना की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने गोयल द्वारा टाटा समूह के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने को शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि सीआइआइ को गोयल से जुड़ा वीडियो ब्लाक करने के बजाय मंत्री से माफी मांगने के लिए कहना चाहिए।
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत गोयल की टिप्पणियों को अपमानजनक बताया है। दरअसल, पिछले महीने सरकार और बड़े व्यापारिक घरानों की एक बैठक हुई थी। इस दौरान टाटा ने ई-कामर्स से जुड़े नियमों में बदलाव पर चिंता जताते हुए कहा था कि इससे उसके कामकाज पर असर पड़ेगा।
समूह ने कहा था कि प्रस्तावित नियम स्टारबक्स जैसे उसके विदेशी भागीदरों को टाटा की शापिंग वेबसाइट पर सामान बेचने से रोकते हैं। सीआइआइ के कार्यक्रम में गोयल ने कहा था कि प्रस्तावित नियमों पर टाटा की आपत्ति ने उन्हें गहरा आघात पहुंचाया है। हालांकि द कन्फडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स ने गोयल के बयान का स्वागत करते हुए टाटा के एतराज को दुर्भाग्यूपर्ण बताया है।

