त्रिवेंद्रम/नई दिल्ली। राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने संगठित गोल्ड स्मगलिंग सिंडिकेट के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत तस्करी के एक बेहद आधुनिक और शातिराना तौर-तरीके (Modus Operandi) का पर्दाफाश किया है। डीआरआई की टीम ने त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स में एक लावारिस (अनअकंपनीड) खेप को रोककर ₹9.18 करोड़ मूल्य का 6.28 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त किया है।
इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क में एयर कार्गो वेयरहाउस के कर्मचारी, कस्टम ब्रोकर और रिसीवर की मिलीभगत सामने आई है। डीआरआई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिंडिकेट के तीन मुख्य सदस्यों को सीमा शुल्क अधिनियम (Customs Act), 1962 के तहत गिरफ्तार कर लिया है।
ताले, ग्रीस गन और डोर क्लोजर के भीतर छुपाया था 6.28 किलो सोना : डीआरआई को सटीक खुफिया सूचना मिली थी कि विदेश से बिना किसी यात्री के भेजे जाने वाले कार्गो बैगेज के जरिए सोने की बड़ी खेप लाई जा रही है:
- शातिराना पैकेजिंग: दुबई से त्रिवेंद्रम भेजी गई एक लावारिस ट्रॉली बैग की जब मेटल डिटेक्टर और तकनीकी उपकरणों से गहन जांच की गई, तो उसमें कई हार्डवेयर उपकरण मिले।
- हार्डवेयर पार्ट्स को काटकर निकाला सोना: तस्करों ने सोने को फ्लोर स्प्रिंग्स, मेटल पैडलॉक (ताले), ग्रीस गन और हाइड्रोलिक डोर क्लोजर के खोखले हिस्सों के भीतर बड़ी चतुराई से ढाला हुआ था।
कैसे काम करता था यह इनसाइडर नेटवर्क?
डीआरआई की जांच में सिंडिकेट के काम करने का चौंकाने वाला तरीका सामने आया:
- प्री-सेट नंबर लॉक का कोड: दुबई से भेजी गई ट्रॉली पर एक खास नंबर लॉक लगाया जाता था, जिसका सीक्रेट कोड सिंडिकेट के सदस्यों को पहले से पता होता था।
- वेयरहाउस स्टाफ की भूमिका: कार्गो कॉम्प्लेक्स में तैनात वेयरहाउस का कर्मचारी उस ट्रॉली को सुरक्षित तरीके से खोलता और सोने से भरे हार्डवेयर पार्ट्स को बाहर निकाल लेता था।
- ब्रोकर और रिसीवर की चेन: वेयरहाउस कर्मी इन पार्ट्स को एक कस्टम ब्रोकर (बिचौलिया) को सौंपता था, जो इसे मुख्य रिसीवर तक पहुंचाता था। रिसीवर विशेष रूप से यह खेप लेने के लिए त्रिवेंद्रम पहुंचा था।
सिंडिकेट के तीनों अहम किरदार सलाखों के पीछे
खुफिया सूचना पर एक साथ की गई छापेमारी में डीआरआई ने चेन के तीनों प्रमुख कड़ियों को दबोच लिया:
- वेयरहाउस कर्मचारी: जो कार्गो से सोना निकालने का जिम्मा संभालता था।
- कस्टम ब्रोकर: जो मध्यस्थ बनकर सामान को बाहर निकालने में मदद करता था।
- मुख्य रिसीवर: जो दुबई से भेजे गए सोने की डिलीवरी लेने पहुंचा था।
डीआरआई अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय इस तस्करी गिरोह के वित्तीय लेनदेन, बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज और अन्य संभावित सहयोगियों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है।

