नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) भारत और बांग्लादेश के रिश्ते में सेतु की भूमिका निभाने के लिए तैयार है। विवि में बंगबंधु चेयर की स्थापना की गई है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गत मार्च माह में दो दिवसीय बांग्लादेश दौरे पर गए थे। इसी दौरान दोनों देशों के संयुक्त वक्तव्य में दिल्ली विवि में बंगबंधु चेयर की स्थापना की घोषणा की गई थी।
संयुक्त वक्तव्य के चंद महीने के भीतर डियू में बंगबंधु चेयर की स्थापना हो गई है। सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आइसीसीआर) ने चेयर की स्थापना के बाबत समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
यह चेयर भारत के पड़ोसी प्रथम नीति का हिस्सा है। चेयर के जरिये भारत और बांग्लादेश की साझी विरासत को और आगे बढ़ाया जाएगा।
आइसीसीआर के महानिदेशक दिनेश पटनायक ने कहा कि इस साल हम बांग्लादेश की स्वतंत्रता और राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ, बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की 100वीं जयंती मना रहे हैं। ऐसे में बंगबंधु चेयर का महत्व बढ़ जाता है। यह हमारे लिए काफी खास है।
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला का पत्र पढ़कर सुनाया गया। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश यात्रा के दौरान सबसे महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताओं में से एक पूरी हो गई है।
उन्होंने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और दिल्ली विश्वविद्यालय के सहयोग से नई जमीन तैयार होगी जो भारतीय शिक्षाविदों के बीच बांग्लादेश से संबंधित ज्ञान और सद्भावना बढ़ाने में मदद करेगी।
डीयू के कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर पीसी जोशी ने कहा कि बंगबंधु चेयर की स्थापना के लिए डीयू का चयन गर्व की बात है। वह हम सभी के लिए एक आदर्श नायक थे और स्वतंत्रता, लोकतंत्र व स्वतंत्रता के प्रतीक थे।
शोध को बढ़ावा कला संस्कृति, इतिहास, आधुनिक भारतीय भाषाएं, संगीत, फाइन आर्ट, राजनीति, विज्ञान, अंतरराष्ट्रीय संबंध, शैक्षणिक आवश्यकता की पूर्ति, शोध आदि के क्षेत्र में काम किया जाएगा। इसके अलावा भारत बांग्लादेश से जुड़े सेमिनार, कांफ्रेंस आयोजित किए जाएंगे।


