धनबाद : झारखंड में पिछले दिनों जारी मैट्रिक व इंटर की परीक्षा के परिणाम में गड़बड़ी की शिकायत लेकर आवाज उठा रहे छात्र-छात्राओं पर शनिवार को भी पुलिस की लाठियां बरसीं।
इस घटना क्रम में एक छात्रा समेत लगभग आधा दर्जन विद्यार्थी घायल हो गए। इधर, छात्र-छात्राओं का समर्थन कर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के एक-एक कार्यकर्ता का भी सिर फटा है।
प्रदर्शनकारियों पर लाठियां तब बरसीं, जब आक्रोशित छात्र-छात्राएं प्रशासन की चेतावनी के बावजूद गिरफ्तारी देने धनबाद थाना की ओर प्रस्थान कर रहे थे। बता दें कि शुक्रवार को भी पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं पर लाठियां चलाई थीं। इससे क्षुब्ध विद्यार्थियों ने शनिवार को धनबाद बंद की घोषणा की थी।
इधर, विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज की घटना ने आंदोलन को हवा देने का काम किया है। विद्यार्थियों के इस प्रदर्शन को भाजयुमो ने अपना पूर्ण समर्थन देते हुए महाधरना की घोषणा की है। सोमवार का भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष किसलय तिवारी भी इस धरने में शिरकत करेंगे।
उधर, शुक्रवार को हुए लाठीचार्ज के खिलाफ विद्यार्थी परिषद व भाजयुमो के कार्यकर्ता छात्र-छात्राओं के साथ शनिवार की सुबह ही रणधीर वर्मा चौक पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे।
प्रदर्शनकारी चौराहे के चारों तरफ घेरा बनाकर बैठ गए और सड़क जाम कर दी। जगह-जगह मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, जैक और जिला प्रशासन का पुतला फूंका गया।
इस दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस प्रशासन की बहस भी हुई। इस बीच दोपहर एक बजे के करीब धनबाद थाना प्रभारी विनय कुमार ने आंदोलनकारियों को गिरफ्तार करने की चेतावनी दी।
बस सभी पुलिस टीम के साथ जुलूस की शक्ल में गिरफ्तारी के लिए धनबाद थाना चल पड़े। नारेबाजी होने लगी। इस बीच उपायुक्त कार्यालय के मुख्य द्वार पर पुलिसकर्मियों से आंदोलनकारियों की बहस हो गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद माहौल फिर बिगड़ गया।
राष्ट्रीय बाल आयोग ने लिया संज्ञान, तीन दिनों के अंदर मांगी रिपोर्ट : धनबाद में नाबालिगों के साथ हुए लाठीचार्ज मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी संज्ञान लिया है। आयोग ने धनबाद के उपायुक्त को पत्र लिख वैधानिक कार्यवाही करते हुए जांच की प्रति तीन दिनों के अंदर उपलब्ध कराने को कहा है।

