नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तिहाड़ जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर व उसके दो साथियों को आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया है। अब मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा करेगी। सुकेश पर यह कार्रवाई दिल्ली के एक बड़े कारोबारी से अदालतों में चल रहे मुकदमों को सेटल कराने के एवज में 50 करोड़ रुपये ऐंठने के मामले में की गई है।
सुकेश के दोनों साथी दिल्ली के रहने वाले हैं। दिल्ली की जेल से यह अब तक की सबसे बड़ी उगाही व धोखाधड़ी की राशि है, जो जेल से कैदियों द्वारा चलाए जा रहे अपराध को उजागर करती है। बेंगलुरु का रहने वाला सुकेश राजनेताओं के रिश्तेदार के रूप में खुद को पेश कर लोगों से ठगी करता था।
सूत्रों के मुताबिक कुछ माह पहले सुकेश ने कारोबारी से संपर्क कर उनके खिलाफ आपराधिक जांच शुरू होने की जानकारी दी और सेटलमेंट के लिए मोटी रकम की मांग की। कारोबारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट में कुछ मामले विचाराधीन हैं। उक्त मामले को सेटल कराने के लिए उसने अपनी ऊंची पहुंच का झांसा देकर कारोबारी को पैसे देने को मजबूर किया। सुकेश के साथियों ने कारोबारी से पैसे एकत्र किए।
मामला नहीं सुलझने पर कारोबारी ने पुलिस में शिकायत कर दी थी। सेल ने सुकेश व अन्य के खिलाफ जुलाई के अंतिम सप्ताह में जबरन वसूली व धोखाधड़ी आदि धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने सुकेश द्वारा जेल में इस्तेमाल कर रहे फोन को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। सुकेश को हाल ही में तिहाड़ से रोहिणी जेल भेजा गया था।
टीटीवी दिनाकरन मामले में हुआ था गिरफ्तार चंद्रशेखर को पांच साल पहले टीटीवी दिनाकरन से चुनाव आयोग के अधिकारियों को रिश्वत देने के आरोप में 50 करोड़ लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे दिल्ली के एक होटल के कमरे से 1.3 करोड़ रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया था।


