मोगा : नियमित सैन्य अभ्यास के दौरान गुरुवार रात सेना का लड़ाकू विमान मिग-21 यहां शहर से 28 किलोमीटर दूर लंगेयाना खुर्द व लंगेयाना नवां खुर्द गांवों के बीच में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।विमान हलवारा से राजस्थान के सूरतगढ़ एयरबेस लौट रहा था।
विमान में खराबी आने पर पायलट अभिनव चौधरी जान की परवाह न करते हुए उसे आबादी से दूर सुनसान क्षेत्र में ले गए और फिर छलांग लगा दी, लेकिन पैराशूट समय से नहीं खुलने के कारण नीचे गिरने से उनकी मौत हो गई। अभिनव मेरठ के गंगानगर के रहने वाले थे। उधर, जमीन पर गिरते ही विमान में आग लग गई। उल्लेखनीय है कि सामान्य परिस्थितियों में देर रात मिग-21 के इस तरह दुर्घटनाग्रस्त हो जाने का संभवत: यह पहला मामला है।
एसएसपी हरमनवीर सिंह गिल ने सिर्फ इतनी पुष्टि की है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान मिग-21 सेना का है। कोई भी अधिकारी इससे ज्यादा कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। पता चला है कि गुरुवार को सेना का नियमित अभ्यास चल रहा था। इस दौरान अभिनव चौधरी ने राजस्थान के सूरतगढ़ एयरबेस से उड़ान भरी और लुधियाना के हलवारा एयरबेस पहुंचे। उन्होंने वहां से रात को वापस सूरतगढ़ एयरबेस के लिए उड़ान भरी थी। मोगा के पास विमान में कुछ तकनीकी खराबी आ गई।
उन्होंने तकनीकी खराबी के बावजूद तीन तरफ आबादी से घिरे क्षेत्र के बीच पड़े खाली खेतों के ऊपर विमान को लेकर जाकर वहां से पैराशूट से छलांग लगा दी। दुर्भाग्यवश पैराशूट जमीन के बहुत करीब आकर खुला। बताया जा रहा है कि जमीन पर गिरने से पायलट की गर्दन और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे वाली जगह के ठीक सामने एक जमींदार खेत में पानी दे रहे थे। उनका कहना है कि रात 11:20 बजे के आसपास विमान में आग हवा में ही लग गई थी। करीब साढे़ 12 बजे सबसे पहले पंजाब पुलिस मौके पर पहुंची।
बाद में रात करीब 1:30 बजे सेना के अधिकारी भी वहां पहुंच गए थे। उसके बाद पूरे क्षेत्र को रात में ही सील कर पायलट की तलाश शुरू कर दी गई। विमान गिरने वाले स्थान से करीब 400-500 मीटर की दूरी पर पायलट का शव सुबह करीब साढ़े तीन बजे मिला। शव को सेना की एंबुलेस ले गई। विमान गिरने से उक्त स्थान पर सात से आठ फीट गहरा गड्ढा हो गया। शुक्रवार को दोपहर बाद तक हादसे की वजह के बारे में पता करने में सेना व पुलिस लगी हुई थी।
पूरा इलाका सील था और वहां किसी को भी वहां जाने की इजाजत नहीं दी जा रही थी। -इनसेट- ग्रामीणों ने पायलट को किया सेल्यूट आसपास के ग्रामीण पायलट अभिनव चौधरी को सेल्यूट कर रहे थे, जिनकी वजह से उनकी जान बची। घटना स्थल के तीन तरफ करीब चार हजार की आबादी है। अभिनव अपनी जान खतरे में डालकर विमान को आबादी से दूर ले गए। अगर आबादी के ऊपर विमान गिरता तो भयावह दृश्य होता।


