पश्चिम बंगाल में गरमायी सियासत, गृहमंत्री अमित शाह के राज्य के दौरे से पहले टीएमसी में इ्स्तीफों का दौर..

पश्चिम बंगाल में सियासत गरमायी हुई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के राज्य के दौरे से पहले टीएमसी में इ्स्तीफों का दौर जारी है। एक और विधायक शीलभद्र के साथ पार्टी के एक पदाधिकारी ने भी छोड़ा पाटी छोड दी है। वहीं राजनीतिक उत्पीड़न का शिकार हो रहे बीजेपी नेताओं को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस  जारी किया है। 

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के शासन में राजनीतिक उत्पीड़न का शिकार हो रहे भाजपा नेताओं को सुप्रीमकोर्ट से राहत मिली है। दरअसल भाजपा नेताओं कैलाश विजयवर्गीय, मुकुल रॉय, पवन सिंह, अर्जुन सिंह, कबीर शंकर बोस ने अदालत में याचिका दाखिल कर पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार की ओर से प्राथमिकी दर्ज किए जाने का विरोध किया था। जिस पर अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। इस फैसले के बाद से नेताओं की गिरफ्तारी पर भी फिलहाल के लिए रोक लग गई है। नेताओं ने मांग की है कि उनके खिलाफ मुकदमों की जांच राज्य की पुलिस की बजाए स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए। उनका आरोप है कि राजनीतिक द्वेष के चलते उनके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज किए गए है । मुकुल रॉय की ओर से मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि   मार्च 2019 से TMC छोड़ने के बाद से उनके  खिलाफ़ 64 केस दर्ज कर लिए गए।

इस बीच राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का पार्टी से इस्तीफा देने का सिलसिला लगातार जारी है। दो दिन के भीतर सुवेंदु अधिकारी और जितेंद्र तिवारी के बाद शुक्रवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता शीलभद्र दत्त ने भी ममता बनर्जी को पत्र लिखकर तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफे का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के महासचिव कबिरूल इस्लाम ने भी इस्तीफे की घोषणा की है। इनमें से कुछ नेताओं के जल्द ही भाजपा में शामिल होने की संभावना जतायी जा रही है। हालांकि सुवेंदु अधिकारी के इस्तीफे को लेकर विवाद भी शुरू हो गया है। विधानसभा सभा अध्यक्ष ने उनके इस्तीफे के तरीके को लेकर सवाल खड़े किए हैं और उन्हें अपने सामने पेश होने के लिए कहा है।
एक के बाद एक नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद से राज्य के कुछ हिस्सों में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हिंसक विरोध भी शुरू कर दिया है। आसनसोल सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में तृणमूल समर्थकों ने पार्टी छोड़ कर गए नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की।

वीओ—इस बीच राज्य में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए भाजपा कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और गृह मंत्री अमित शाह शनिवार और रविवार को राज्य में कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे  रोड शो और रैली को भी संबोधित करेंगे। उनके कार्यक्रम से पार्टी में नई जान आने की संभावना है।
 

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