इस्लामाबाद : पाकिस्तान की संसद में मंगलवार को लोकतांत्रिक मर्यादा उस वक्त तार-तार हो गई जब सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने एक दूसरे को जमकर गालियां दीं और आधिकारिक बजट दस्तावेजों की प्रतियां एक-दूसरे पर फेंकीं।
अफरातफरी और हंगामे एक महिला सदस्य घायल हो गई। संसद के निचले सदन, नेशनल असेंबली का सत्र 2021-22 के बजट पर बहस करने के लिए बुलाया गया था। शुक्रवार को वित्त मंत्री शौकत तारिन ने बजट पेश किया था।
मंगलवार को जब विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ ने बजट पर बहस के लिए परंपरागत भाषण देने का प्रयास किया तो सत्ता पक्ष ने शोर-शराबा शुरू कर दिया। कुछ ही समय में सदन एक युद्ध के मैदान में बदल गया जब कुछ सांसद आमने-सामने आ गए। इन लोगों ने एक-दूसरे को जमकर गालियां दीं और अंत में बजट दस्तावेजों की प्रतियां फेंकना शुरू कर दिया। सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) के नेता अली अवान का विपक्ष पर अपशब्द कहने का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पीटीआई की कम से कम एक महिला सांसद मालेका बोखारी की आंख पर एक दस्तावेज लगने के बाद इलाज कराया गया। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष शहबाज ने बाद में एक ट्वीट कर पीटीआई एक फासीवादी पार्टी बताया। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश ने अपने टीवी स्क्रीन पर देखा कि सत्ताधारी दल ने विपक्ष को दबाने के लिए किस तरह गुंडागर्दी और गालीगलौज का सहारा लिया।
सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि पीएमएल-एन अशांति के लिए जिम्मेदार है क्योंकि इसके सदस्यों में से एक ने गलत शब्दों का इस्तेमाल किया जिससे पीटीआई के कुछ सदस्यों को गुस्से में प्रतिक्रिया करने के लिए मजबूर होना पड़ा।


