प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय माप पद्धति सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश के आत्मनिर्भर बनने के लिए क्वांटिटी के साथ ही क्वालिटी भी बेहद ज़रूरी है। पीएम ने ‘नेशनल एटॉमिक टाइमस्केल’ और ‘भारतीय निर्देशक द्रव्य’ राष्ट्र को समर्पित किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए ‘नेशनल एटॉमिक टाइमस्केल’ और ‘भारतीय निर्देशक द्रव्य’ को राष्ट्र को समर्पित किया और राष्ट्रीय पर्यावरण संबंधी मानक प्रयोगशाला (नेशनल एनवायरमेंटल स्टैंडर्ड लैबोरेट्री) की आधारशिला भी रखी। प्रधानमंत्री मोदी ने नेशनल मेट्रोलॉजी कॉन्क्लेव का भी उद्घाटन किया।
वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला यानी सीएसआईआर-एनपीएल राष्ट्रीय माप पद्धति सम्मेलन 2021 का आयोजन कर रही है। राष्ट्रीय माप पद्धति सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नए साल में भारत को बड़ी खुशखबरी मिली है औऱ देश के लोगों को एक साथ दो वैक्सीन का तोहफा मिला है, जिससे कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मदद मिलेगी। विज्ञान के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए पूरा देश अपने वैज्ञानिकों का ऋणी रहेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश 2022 में अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे कर रहा है और 2047 में हमारी आजादी के 100 वर्ष पूर्ण होंगे। इस समय काल में हमें आत्मनिर्भर भारत के नए संकल्पों को ध्यान में रखते हुए, नए मानकों, नए पैमानों, नई स्टैंडर्ड्स और न्यू बेंचमार्कस को गढ़ने की दिशा में आगे बढ़ना ही है।
पीएम ने कहा कि CSIR-NPL ने आज जिस नेशनल एटॉमिक टाइम स्केल को देश को सौंपा है। उससे भारत नैनो सेकंड तक समय को मापने में भी आत्मनिर्भर बन गया है। पीएम ने कहा कि आज भारत ग्लोबल इनोवेशन रैंकिंग में दुनिया के टॉप 50 देशों में पहुंच गया है। देश में आज बेसिक रिसर्च पर भी जोर दिया जा रहा है। साथ ही इंडस्ट्री और इंस्टिट्यूशन के बीच सहयोग को मजबूत किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस देश ने विज्ञान पर जितना ध्यान केंद्रित किया है उसकी प्रौद्योगिकी उतनी मजबूत हुई है। प्रौद्योगिकी के विकास से नए उद्योगों को स्थापित करने और शोध को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।पीएम ने कहा कि मेड इन इंडिया की ग्लोबल डिमांड- ग्लोबल स्वीकार्यता हो, इस दिशा में बड़े प्रयास करने होंगे।


