नई दिल्ली : वरिष्ठ पत्रकार परांजय गुहा ठाकुरता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करके केंद्र सरकार को यह निर्देश देने की मांग की है कि उनके मोबाइल पर इजरायली स्पाईवेयर के कथित इस्तेमाल से जुड़ी जांच और उसकी मंजूरी से संबंधित सामग्री उजागर की जाए। गुहा का नाम पर उस कथित सूची में शामिल था जिनकी पेगासस का इस्तेमाल कर जासूसी की गई।
परांजय ने कहा कि पेगासस की मौजूदगी से देश में बोलने की आजादी के अधिकार पर जबर्दस्त प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया कि मालवेयर या स्पाईवेयर के इस्तेमाल को गैरकानूनी और असंवैधानिक घोषित किया जाए।
साथ ही केंद्र को यह निर्देश देने की मांग भी की कि वह भारतीय नागरिकों की साइबर हथियारों या पेगासस जैसे मालवेयर के इस्तेमाल से रक्षा के लिए कदम उठाए। प्रधान न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ पांच अगस्त को तीन अगल-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली है।
इनमें से एक याचिका वरिष्ठ पत्रकार एन. राम और शशि कुमार की भी है जिन्होंने कथित पेगासस जासूसी मामले की वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
परांजय ने केंद्र को यह निर्देश देने की मांग भी की है कि निजता के गैरकानूनी उल्लंघन व हैकिंग की शिकायतों से निपटने और उल्लंघन के जिम्मेदार अधिकारियों को दंडित करने के लिए न्यायिक निगरानी की व्यवस्था बनाई जाए।


