प्रदेश के हर विद्यार्थी को मिलेगी विशिष्ट APAAR ID : डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेंगे सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड,हर शनिवार स्कूलों में होगा मेगा अपार दिवस !

भोपाल। मध्यप्रदेश में विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने APAAR ID (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) निर्माण का विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत प्रदेश के सभी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की APAAR ID तैयार की जा रही है। अभियान को गति देने के लिए प्रत्येक शनिवार को “मेगा अपार दिवस” आयोजित किया जाएगा।

विभाग के अनुसार प्रदेश में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के लगभग 1.39 करोड़ विद्यार्थियों की APAAR ID बनाई जानी है। इनमें से अब तक करीब 94 लाख विद्यार्थियों का पंजीयन हो चुका है, जबकि शेष विद्यार्थियों की आईडी 30 जून 2026 तक बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

APAAR ID विद्यार्थियों की आजीवन डिजिटल शैक्षणिक पहचान होगी। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं की मार्कशीट, प्रमाणपत्र, डिग्री, पुरस्कार और अन्य शैक्षणिक उपलब्धियां एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेंगी। इससे छात्रवृत्ति, प्रवेश प्रक्रिया और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में भी सुविधा होगी।

अभियान के अंतर्गत स्कूलों में अभिभावकों को आमंत्रित कर विद्यार्थियों का पंजीयन कराया जा रहा है। जिन विद्यार्थियों के पास आधार कार्ड नहीं है, उनके लिए आधार नामांकन की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि APAAR ID निर्माण में किसी प्रकार की बाधा न आए।

स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला, विकासखंड और विद्यालय स्तर पर विशेष व्यवस्थाएं की हैं। विद्यार्थियों के पंजीयन की जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्राचार्य और प्रधानाध्यापकों को सौंपी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय के सभी विद्यार्थियों की APAAR ID बनवाने के लिए स्कूल प्रमुख उत्तरदायी होंगे।

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