प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 100वीं किसान रेल को हरी झंडी दिखाएंगे। यह रेल महाराष्ट्र के संगोला से पश्चिम बंगाल के शालीमार तक चलाई जाएगी। इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहेंगे।
केंद्र सरकार 2022 तक देश के किसानों की आमदनी को दो गुना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत सरकार ने किसान रेल चलाई है। अब इसे विस्तार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 100वीं किसान रेल को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह ट्रेन अपने साथ सब्जियां और फल लेकर पहुंचेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से शुरु हुई किसान रेल, किसानों के कृषि उत्पादों के देश के विभिन्न भागों में पहुंचाने के प्रयास में क्रान्तिकारी बदलाव का प्रतीक बनी है। एक देश एक बाजार की संकल्पना को साकार करती किसान रेल के नेटवर्क को विस्तार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 दिसंबर 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महाराष्ट्र के संगोला से पश्चिम बंगाल के शालीमार के बीच 100वीं किसान रेल को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
यह ट्रेन अपने साथ फूल गोभी, बंद गोभी, शिमला मिर्च, सहजन, मिर्च और प्याज जैसी सब्जियों के साथ साथ अंगूर, संतरे, अनार, केला और सेव इत्यादि लेकर पहुंचेगी। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अन्नदाता के हित में किसान रेल का जहां भी जरूरत होगी विस्तार किया जाएगा। किसान रेल के चलने से किसानो को भी काफी सहुलिय हो रही है।
किसान भाई 50 फीसदी सब्सिडी के साथ फल, सब्जियो और अन्य कृषि उत्पादों को बिना किसी परेशानी के एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में बिक्री के लिए ले जा रहे है। गौरतलब है कि देश में किसान रेल की षोघणा केंद्र सरकार ने आम बजट 2020 में की थी जिसकी अनुपालना में पहली किसान रेल देवलाली से दानापुर के बीच 7 अगस्त, 2020 को चलाई गई। जिसे बाद में मुजफ्फरपुर तक बढ़ा दिया गया था। किसानों की तरफ मिले अच्छे रेसंपांस के बाद इसके साप्ताहिक फेरों को बढ़ाकर सप्ताह में 3 दिन कर दिया गया ।


