बंगाल हिंसा की जांच के लिए SIT गठित करने की मांग, पूर्व अधिकारियों का राष्ट्रपति को ज्ञापन

जयपुर : बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद हुई हिंसा के विरोध में राजस्थान यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति जेसी सिंघल और पूर्व आइपीएस अधिकारी केएल बैरवा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नाम राज्यपाल कलराज मिश्र को ज्ञापन भेजा है। इस ज्ञापन पर प्रदेश के 108 प्रबुद्धजनों के हस्ताक्षर हैं। सभी ने इस मामले में राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील की है। ज्ञापन पर प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त 18, न्यायिक सेवा से सेवानिवृत 20 अधिकारियों के साथ ही 14 शिक्षाविद, 22 सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, छह सेना से रिटायर्ड अफसर, 15 विभिन्न पदक विजेता खिलाड़ी, वकील और अन्य क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। कोरोना महामारी के कारण इन सभी की राज्यपाल मिश्र से मुलाकात नहीं हो सकी, इस कारण मेल से ज्ञापन भेजा गया है। ज्ञापन के माध्यम से बंगाल में हुई हिंसा की चर्चा करते हुए कठोर कदम उठाए जाने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया कि बंगाल में हिंसा के कारण न केवल लोकतंत्र के आधारभूत सिद्धांत स्वतंत्र चुनाव को गहरी चोट पहुंची है वरन संविधान के अनुच्छेद 21 मेंे निहित गरिमामय जीवन के अधिकार का व्यापक स्तर पर हनन हुआ है। वहां नागरिकों के जीवन और अधिकारों की रक्षा करने के पवित्र दायित्व से राज्य शासन विमुख हो रहा है। ऐसे में तत्काल हिंसा को रोकने की अपील की गई है। वहीं, हिंसा के पीड़ितों को पर्याप्त सुरक्षा देने के साथ ही उचित मुआवजा देने की भी अपील की है। ज्ञापन में कहा गया कि हिंसा के दौरान 23 हत्याएं, चार बलात्कार, 39 बलात्कार की धमकी, 2157 भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले, 3886 तोड़फोड़ की घटनाएं हुई है। ऐसे में करीब 1800 लोगों ने बंगाल में हिंसा से परेशान होकर असम में शरण ली है।

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