ढाका। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी,बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के निमंत्रण पर ढाका पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री की यह यात्रा मुजीब बोर्सो – बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की जन्मशती, भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक संबंधों के स्थापित होने के 50 वर्ष पूरे होने और बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के 50 वर्ष पूरा होने से संबंधित है। प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने हजरत शाह जलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर श्री मोदी का स्वागत किया। मोदी के सम्मान में 19 तोपों की सलामी और गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बांग्लादेश स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को आज ढाका स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। यह स्मारक बांग्लादेश के 1971 के मुक्ति संग्राम में अपने जीवन को न्यौछावर करने वाले शहीदों का राष्ट्रीय प्रतीक है। यह स्मारक ढाका के उत्तर-पश्चिम से 35 किलोमीटर दूर सावर में स्थित है और इसे सैयद मैनुल हसन ने डिजाइन किया था।
मोदी ने स्मारक परिसर में एक अर्जुन का पौधा भी लगाया और वहां आगंतुक पुस्तिका पर हस्ताक्षर करते हुए लिखा,”मैं प्रार्थना करता हूं कि सावर में प्रज्ज्वलित शाश्वत ज्योति कपट और उत्पीड़न पर सत्य और साहस की महान विजय की हमेशा याद दिलाती रहे।”
प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश में सामुदायिक नेताओं से मुलाकात की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बांग्लादेश की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान आज सामुदायिक नेताओं, जिनमें अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधि, बांग्लादेशी मुक्तिजोद्धा और फ्रेंड्स ऑफ इंडिया एंड यूथ आइकन्स के प्रतिनिधि भी शामिल थे।



प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश में विपक्ष के नेताओं से भी मुलाकात की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी बांग्लादेश की दो दिवसीय यात्रा के दौरान बांग्लादेश के विभिन्न राजनीतिक दलों के विपक्षी नेताओँ के साथ मुलाकात की और उनसे बातचीत की। इस बातचीत के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।


