हैदराबाद, एएनआइ : संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व राजदूत रहे सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री हैं, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में भारत की ओर से अध्यक्षता करेंगे। अकबरुद्दीन ने रविवार को कहा कि 75 साल से भी अधिक समय में भारतीय राजनीतिक नेतृत्व के लिए ऐसा अवसर पहली बार आया है कि वह 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता में अपना योगदान दे। इससे जाहिर होता है कि देश का नेतृत्व संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च संस्था को अग्रिम स्तर पर संभालना चाहता है।
मौजूदा समय में कौटिल्य स्कूल आफ पब्लिक पालिसी के डीन सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि इससे यह भी जाहिर होता है कि भारत और उसका राजनीतिक नेतृत्व हमारी विदेश नीति के उपक्रम में गहरी पैठ रख रहा है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक की अध्यक्षता करने का फैसला लिया है।
उन्होंने कहा कि पिछले 75 सालों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में यह हमारा आठवां मौका है, लेकिन पहली बार सुरक्षा परिषद के मामले में हमारा शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व अध्यक्षता कर रहा है। हालांकि यह वर्चुअल बैठक होगी, पर यह ऐतिहासिक घटना है। इससे पहले, 1992 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में शामिल हुए थे।
उल्लेखनीय है कि एक अगस्त को ही एक माह के लिए सुरक्षा परिषद के अस्थाई सदस्य भारत को पहली बार संयुक्त राष्ट्र के इस सर्वोच्च संगठन की अध्यक्षता करने का अवसर मिला है। इस अवधि में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा विदेश मंत्री एस.जयशंकर और विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला वैश्विक महत्व के विभिन्न विषयों पर अलग-अलग स्तर पर बैठकों की अध्यक्षता करेंगे।


