मध्य प्रदेश में क्यूआर कोड से पकड़ेंगे बिजली चोरी, नवाचार को मिली स्वीकृति,सफल रहा प्रयोग तो पूरे प्रदेश में लागू होगी व्यवस्था

नरसिंहपुर : बिजली चोरी रोकने के लिए मध्य प्रदेश पूर्व विद्युत वितरण कंपनी के अधिशाषी अभियंता (एग्जिक्यूटिव इंजीनियर) सुभाष राय ने एक नवाचार किया है। कृषि पंप कनेक्शनों पर क्विक रेस्पान्स कोड (क्यूआर कोड) लगाकर इसकी गूगल अर्थ मैप से जुड़ी भौगोलिक संकेतक प्रणाली (जीआइएस) टैगिंग की जा रही है।

ऐसे में यदि कोई क्यूआर कोड से छेड़छाड़ कर या बिजली चोरी के मकसद से कनेक्शन को अन्यत्र स्थानांतरित करता है तो सर्वर को तत्काल सूचना मिल जाएगी। इस प्रयोग को नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा विद्युत संभाग में लागू किया गया है। यदि परिणाम बेहतर आते हैं तो इसे प्रदेशभर में लागू किया जा सकता है।

दरअसल, बिजली चोरी के मामले में गाडरवारा विद्युत संभाग पूरे प्रदेश में अव्वल है। इसी इलाके में तैनात सुभाष राय ने बिजली कनेक्शनों को क्यूआर कोड व जीआइएस टैगिंग से जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया था। इसे विभागीय स्वीकृति भी मिल गई है। सुभाष राय और सहायक अभियंता अखिलेश पाटीदार ने साढ़े चार हजार पंपों के लिए क्यूआर कोड तैयार भी किए हैं। फिलहाल बड़े किसानों के कनेक्शन पर इनका उपयोग किया जा रहा है।

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