भोपाल | प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश में कुल 88,209 इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी दी गई। केंद्र सरकार ने योजना के तहत लाभ पाने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों के जिलेवार आंकड़े जारी किए हैं। इनमें 81,840 इलेक्ट्रिक दोपहिया (ई-2W) और 6,369 इलेक्ट्रिक तिपहिया (ई-3W) वाहन शामिल हैं।
केंद्र सरकार के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान मध्य प्रदेश में कुल 94,277 इलेक्ट्रिक वाहन संचालित हुए। वहीं, पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत राज्य में 88,209 इलेक्ट्रिक वाहनों को मांग प्रोत्साहन यानी सब्सिडी का लाभ दिया गया।
दतिया में 571 इलेक्ट्रिक वाहनों को मिला लाभ : जारी जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, दतिया में कुल 571 इलेक्ट्रिक वाहनों को पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत प्रोत्साहन मिला। इनमें 513 इलेक्ट्रिक दोपहिया और 58 इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन शामिल हैं।
प्रदेश के प्रमुख जिलों में इंदौर सबसे आगे रहा, जहां कुल 12,840 इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी मिली। इसके बाद ग्वालियर में 9,476, जबलपुर में 7,913 और भोपाल में 6,622 इलेक्ट्रिक वाहनों को योजना का लाभ मिला।
मध्य प्रदेश को पीएम ई-ड्राइव के तहत नहीं मिली कोई इलेक्ट्रिक बस : केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत मध्य प्रदेश को कोई इलेक्ट्रिक बस नहीं दी गई है। वहीं, मध्य प्रदेश के भीतर डिलीवरी चेन संचालित करने वाले वाहन खरीदारों और मूल उपकरण निर्माताओं को सीधे वितरित किए गए मांग प्रोत्साहन की कुल राशि का अलग से विवरण केंद्र सरकार द्वारा नहीं रखा जाता है।
10,900 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली योजना : पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव यानी पीएम ई-ड्राइव योजना को 29 सितंबर 2024 को अधिसूचित किया गया था। योजना का कुल परिव्यय 10,900 करोड़ रुपये है। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना और देश में स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना है।
योजना के तहत लगभग 28.30 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने का प्रावधान है। इसमें ई-2W, ई-3W, ई-ट्रक, ई-बस और ई-एम्बुलेंस शामिल हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन परीक्षण एजेंसियों के उन्नयन के लिए भी अनुदान का प्रावधान किया गया है।
इलेक्ट्रिक बसों और चार्जिंग स्टेशन के लिए भी प्रावधान : सरकार के अनुसार, पीएम ई-ड्राइव के तहत 14,028 ई-बसों की तैनाती के लिए 4,391 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा देशभर में इलेक्ट्रिक वाहन पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

