श्रीनगर : कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के शव को पाकिस्तानी झंडे में लपेटने वालों पर पुलिस की कार्रवाई का विरोध करने वालीं महबूबा मुफ्ती ने अब खुद को घर में नजरबंद किए जाने का दावा किया है।
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा ने प्रशासन की इस कथित कार्रवाई पर आपा खोते हुए कहा कि केंद्र सरकार को अफगानिस्तान के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की बहुत फिक्र है, लेकिन कश्मीरियों के मौलिक अधिकारों का वह खुद हनन कर रही है।
उन्होंने कहा कि गिलानी के शव के प्रति पुलिस द्वारा असम्मानजनक रवैया अपनाए जाने का आरोप लगाने के बाद मंगलवार को उन्हें नजरबंद कर दिया गया है। अपने ट्विटर हैंडल पर उन्होंने लिखा, आज फिर मुझे घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया है।
क्योंकि प्रशासन का कहना है कि हालात ठीक नहीं है। यह केंद्र सरकार के कश्मीर में सबकुछ ठीक होने की दावे की असलियत बताता है। ट्वीट के साथ मुफ्ती ने दो तस्वीरें भी साझा की हैं।
एक तस्वीर में गेट के आगे पुलिस का वाहन खड़ा है और दूसरी तस्वीर में दरवाजे पर ताला है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महबूबा मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में जाना चाहती थीं।
वह जेड प्लस श्रेणी में हैं। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही उन्हें कुलगाम जाने से मना किया गया है। इस बीच, सूत्रों ने बताया कि महबूबा गिलानी के घर भी जा सकती थीं,
इस आशय की सूचनाएं मिलने पर ही प्रशासन ने उन्हें घर से बाहर निकलने पर रोका है। अलबत्ता, इस संदर्भ में जब महबूबा से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो वह उपलब्ध नहीं हो पाई।


