महाराष्ट्र: डेल्टा प्लस वेरिएंट से पांच की मौत, रायगढ़ में वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बावजूद शख्स की जान गई

नई दिल्ली : कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट के बाद अब उसी से पैदा हुए डेल्टा प्लस वैरिएंट के भी खतरनाक होने की आशंका पैदा हो गई है। महाराष्ट्र में सात हफ्ते के भीतर डेल्टा प्लस वैरिएंट से पांच लोगों की मौत हो गई है।

इसमें मुंबई की एक महिला भी शामिल है जिसने कोरोना रोधी टीके की दोनों लगवाई थी। राज्य में 66 लोग इससे संक्रमित हुए हैं। अगर पूरे देश की बात करें तो लगातार दूसरे दिन 40 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं, जबकि उससे पहले नए मामले 40 हजार से नीचे आ गए थे।

बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने कहा कि कोरोना से संक्रमित 63 साल की महिला की 24 जुलाई को मौत हो गई थी। घाटकोपर की रहने वाली इस महिला की जांच रिपोर्ट गुरुवार को मिली तब इसके डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित होने का पता चला।

डेल्टा प्लस वैरिएंट से मुंबई में यह पहली मौत है। महिला ने कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों डोज ली थी और उसके बाद 21 जुलाई को उसे कोरोना से संक्रमित पाया गया था। महिला के संपर्क में आए दो और लोग भी इस वैरिएंट से संक्रमित पाए गए हैं।

इसके अलावा रायगढ़ में 69 साल के कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति की 22 जुलाई को मौत हो गई थी, बाद में उसके डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित होने की रिपोर्ट आई थी। इससे पहले 13 जून को रत्नागिरी में ही 80 साल की एक मरीज की मौत हुई थी। बाद में उस महिला के डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित होने का पता था।

महिला ने कोरोना रोधी वैक्सीन की एक भी डोज नहीं ली थी। इसके अलावा राजगढ़ और बीड में भी एक-एक मरीज की डेल्टा प्लस वैरिएंट से मौत हुई है। महाराष्ट्र में 66 लोग इस वैरिएंट से संक्रमित पाए गए हैं।

वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से शुक्रवार सुबह आठ बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में देश में 40,120 नए केस मिले हैं, 585 लोगों की मौत हुई है और 42,295 मरीज स्वस्थ हुए हैं। सक्रिय मामले घटकर 3,85,227 रह गए हैं जो कुल मामलों का 1.20 फीसद है। कुल मामलों की तुलना में सक्रिय मामले प्रतिशत के हिसाब से पिछले साल मार्च के बाद से सबसे कम हैं।

दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई, तीसरे लोगों के बर्ताव पर निर्भर एम्स, नई दिल्ली के निदेशख डा. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है और तीसरी लहर लोगों के बर्ताव पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा कि रोजाना 40 हजार से ज्यादा मामले मिल रहे हैं, इसलिए लोगों को अत्यधिक सावधान रहने और कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करने की जरूरत है। 

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