प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीति आयोग के प्रशासनिक परिषद की छठी बैठक को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने कहा कि देश की प्रगति का आधार यही है कि केंद्र और राज्य साथ मिलकर काम करें और निश्चित दिशा में आगे बढ़ें। हमें प्रतिस्पर्धी सहकारी संघवाद को जिला स्तर तक लेकर जाना है। इस बैठक में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री शामिल हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीति आयोग के प्रशासनिक परिषद की छठी बैठक के दौरान संबोधित करते हुए कहा कि संघीय ढांचे को और अधिक सार्थक बनाना है ताकि विकास की स्पर्धा निरंतर चलती रहे। इस बैठक में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री शामिल हुए हैं। इस बैठक के एजेंडे में कृषि, अवसंरचना, विनिर्माण, मानव संसाधन विकास, जमीनी स्तर पर सेवाओं की आपूर्ति और स्वास्थ्य व पोषण पर विचार विमर्श शामिल है।
बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा, ‘हमने कोरोना कालखंड में देखा है कि कैसे जब राज्य और केंद्र सरकार ने मिलकर काम किया, देश सफल हुआ। दुनिया में भी भारत की एक अच्छी छवि का निर्माण हुआ।’ पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘हम ये भी देख रहे हैं कि कैसे देश का प्राइवेट सेक्टर, देश की इस विकास यात्रा में और ज्यादा उत्साह से आगे आ रहा है।
सरकार के नाते हमें इस उत्साह का, प्राइवेट सेक्टर की ऊर्जा का सम्मान भी करना है और उसे आत्मनिर्भर भारत अभियान में उतना ही अवसर भी देना है।’ केंद्रीय बजट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘इस बार के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए दिए फंड की भी काफी चर्चा हो रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला ये खर्च देश की अर्थव्यवस्था को कई स्तर पर आगे बढ़ाने का काम करेगा और रोज़गार के कई अवसर प्रदान करेगा।
हम ये बंद कर सकते हैं, हमारे किसानों के खाते में पैसा जा सकता है। इन पैसों का हकदार हमारा किसान है लेकिन इसके लिए हमें अपनी योजनाएं उस तरह से बनानी होंगी। कई चीजें आसान से हमारी टेबल पर पहुंचने लगी हैं। ऐसी चीजों के उत्पादन में कोई मुश्किल नहीं है। इसके लिए किसानों को गाइड करने की जरूरत है।’


