नई दिल्ली : भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने रोसो हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि डोमिनिका में गैरकानूनी प्रवेश के मामले में उसकी गिरफ्तारी भारत सरकार के प्रतिनिधियों के कहने पर हुई थी।
याचिका में उसने अपने खिलाफ जारी कार्यवाही को रद किए जाने की मांग की है। डोमिनिका के स्थानीय मीडिया के मुताबिक, याचिका डोमिनिका के आव्रजन मंत्री, उसके पुलिस प्रमुख और मामले के जांच अधिकारी के खिलाफ दाखिल की गई है।
डोमिनिका में 23 मई को गैरकानूनी प्रवेश के बाद वहां के आव्रजन मंत्रालय ने चोकसी को प्रतिबंधित अप्रवासी घोषित कर दिया था। चोकसी का आरोप है कि सभी ने तीसरे पक्ष यानी भारत सरकार के प्रतिनिधियों के कहने पर काम किया।
अपने खिलाफ कार्यवाही रद करने की मांग करते हुए चोकसी ने हाई कोर्ट में दलील दी कि गैरकानूनी प्रवेश के लिए उस पर आरोप लगाने का फैसला कानून के खिलाफ और अमान्य है। उसने कहा कि वह एंटीगुआ और बरबुडा का नागरिक है जहां उसने खुद के संभावित प्रत्यर्पण को चुनौती दे रखी है।
उसने दावा किया कि एंटीगुआ और बरबुडा से उसका अपहरण करके भारतीय लोगों द्वारा जबरन डोमिनिका लाया गया था। चोकसी ने कहा कि उसने अपने साथ हुई घटना के बारे में डोमिनिका पुलिस को बताया भी था, लेकिन उन्होंने उसके आरोपों की कोई जांच नहीं की।


