मुंबई : लगातार आठ कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपये में 22 पैसे की मजबूती देखी गई। कच्चे तेल में नरमी और एशिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं में तेजी के दम पर भारतीय मुद्रा मजबूत हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में डॉलर के मुकाबले रुपया 74.08 पर बंद हुआ था और शुक्रवार को 74.10 के निचले स्तर पर खुला।
इंट्रा-डे में हालांकि यह 74.27 के निचले स्तर तक लुढ़क गया। लेकिन बाद मंे अच्छी वापसी करते हुए कारोबार के आखिर में यह डॉलर के मुकाबले 73.86 पर बंद हुआ। शुक्रवार से पहले के आठ कारोबारी सत्रों में डॉलर के मुकाबले रुपया 128 पैसे टूट चुका था। इसमें 76 पैसे की गिरावट तो अकेले गुरुवार की रही। इस गिरावट के चलते गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपया दो महीनों से अधिक के निचले स्तर पर बंद हुआ।
जानकारों का कहना था कि कुछ विदेशी बैंकों ने डॉलर की जमकर बिकवाली की, जिसके चलते उसमें नरमी देखी गई। कच्चे तेल के दाम में पिछले दो-तीन कारोबारी सत्रों के दौरान गिरावट का फायदा भी रुपये को मिला। इसके साथ ही पिछले कुछ समय के दौरान घरेलू बाजार में कई आइपीओ आए, जिनमें निवेश के माध्यम से रुपये में मजबूती आई।

